रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को नारी शक्ति का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और कांग्रेस, झामुमो समेत इंडी गठबंधन के विरोध में महिला आक्रोश मार्च निकाला गया. चिलचिलाती गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया. यह मार्च मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां पूरे रास्ते महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की.
मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक पदयात्रा
रैली की शुरुआत रांची के मोरहाबादी मैदान से हुई, जहां पहले एक सभा का आयोजन किया गया. इसके बाद महिलाओं ने पदयात्रा शुरू की, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची. इस दौरान महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में और विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए. मार्च में शामिल महिलाओं का उत्साह और जोश साफ नजर आ रहा था. बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल हुईं, जिससे यह रैली राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गई.
अन्नपूर्णा देवी का विपक्ष पर हमला
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष का रवैया नकारात्मक रहा है. कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने इस विधेयक का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी.
आदित्य साहू ने विपक्ष को घेरा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर “पाप” किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं. उन्होंने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और महिलाओं से ऐसे दलों को सबक सिखाने का आह्वान किया.
बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत भागीदारी देने के प्रयास में विपक्ष ने सहयोग नहीं किया. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के गुस्से को नजरअंदाज करना विपक्ष को भारी पड़ सकता है. मरांडी ने कहा कि अगर विपक्ष ने समय रहते इस मुद्दे को नहीं समझा, तो आने वाले चुनावों में उसे नुकसान उठाना पड़ेगा.
अन्य नेताओं ने भी साधा निशाना
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने “मातृशक्ति के साथ महापाप” किया है. सभा में पद्मश्री सम्मानित छुटनी महतो और जमुना टुडू ने भी कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया. विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति अब अपने अधिकार लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. वहीं रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि विपक्ष की नीतियों के कारण महिलाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा है.
मंच संचालन और नेताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया. इस दौरान कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे, जिनमें संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, विधायक पूर्णिमा साहू और मंजू देवी शामिल रहे.
इसे भी पढ़ें: भाजपा की आक्रोश रैली पर कांग्रेस का तीखा हमला, विरोध-प्रदर्शन को बताया नौटंकी
बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
इस आक्रोश मार्च की सबसे खास बात रही महिलाओं की भारी भागीदारी. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आई महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया और अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की. यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के मुद्दों को लेकर जागरूकता और लामबंदी का प्रतीक भी बनकर उभरी है.
इसे भी पढ़ें: छह महीने में 1 लाख से बढ़कर 16 लाख हो गया रिटायर कर्मचारी के घर का किराया, हाईकोर्ट नाराज
