ओरमांझी. आदिवासी 22 पड़हा सरना समिति सदमा ओरमांझी ग्राम मधुकमा टोला पेसार पतरा निवासी किरण उरांव पति धनेश्वर उरांव ने बुधवार को सरना धर्म में वापसी कर ली. ज्ञात हो कि किरण उरांव पति धनेश्वर उरांव ने नौ वर्ष पूर्व सरना धर्म छोड़ कर मिशनरी धर्म अपना लिया था. किरण उरांव ने आदिवासी 22 पड़हा सरना समिति को एक लिखित आवेदन देकर स्वेच्छा से अपने परिवार के साथ बिना किसी के दबाव में मिशनरी धर्म छोड़ कर सरना समाज में घर वापसी कर ली. आदिवासी 22 पड़हा सरना समिति सदमा ओरमांझी- के अध्यक्ष बाबूलाल महली ने पड़हा के पदाधिकारी व आदिवासी समाज के बुद्धिजीवियों की मौजूदगी में किरण उरांव, बड़े पुत्र दीपक उरांव ( 24), छोटे पुत्र दिनेश उरांव (20) ने घर के प्रांगण में पुजारी ग्राम पाहन रंजीत पाहन व कंठहा के साथ सरना समाज में वापसी के लिए रंगुवा, चरका मुर्गा की बलि दी. पूजा अर्चना के बाद भोज किया गया. आदिवासी 22 पड़हा समाज के अध्यक्ष बाबूलाल महली ने कहा कि दूसरे धर्म को अपनाये आदिवासी समाज का कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से वापसी करता है, तो सभी का स्वागत है. मौके पर घर वापसी कार्यक्रम में ग्राम पाहन पुजारी मधुकमा रंजीत पाहन, झिरगा पाहन, रमेश उरांव, ललिता पाहन, जेठू मुंडा, साधून उरांव, हउवा उरांव, शनि पाहन, सुषमा उरांव, बलराम उरांव, बबलू उरांव, अजय उरांव, पोको देवी, प्रधान उरांव, महावीर उरांव सहित समाज के अन्य लोग मौजूद थे.
मिशनरी धर्म छोड़ कर सरना धर्म में वापसी
आदिवासी 22 पढ़हा समाज ने किया स्वागत
