रांची (वरीय संवाददाता). रविंद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता के हिंदी विभाग में आयोजित एकदिवसीय सेमिनार का समापन हो गया. इसका विषय था: कृष्णा सोबती :सृजन और चिंतन. इस सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता के तौर मौजूद डीएसपीएमयू, रांची के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ जिंदर सिंह मुंडा ने कहा कि हिंदी महिला कथाकारों में कृष्णा सोबती का लेखन आज के समय और संत्रासों के बीच विशिष्ट और संघर्ष का लेखन है. वह अपनी रचना संसार में नारी जीवन की विसंगतियों के चित्रणों के साथ-साथ नारी की निजता, एवं वैयक्तिकता को स्थापित करने वाली संवेदनशील कथाकार हैं. इस सेमिनार की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो दामोदर मिश्र ने की व इतिहासकार हितेंद्र पटेल समेत कई विद्वान प्राध्यापक भी शामिल हुए. लगभग 500 प्रतिभागियों ने अपना आलेख वाचन किया. इस अवसर पर रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता एवं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के साहित्यिक आदान-प्रदान के बहाने भाषा-साहित्य एवं संस्कृति के संवर्द्धन पर सकारात्मक चर्चा हुई. रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ ऋषि कुमार ने इस साझा कार्यक्रम पर बल देते हुए कहा कि साहित्य के बहाने दोनों राज्यों की साहित्यिक ,सांस्कृतिक वातावरण एवं सद्भावना बढ़ेगी.
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