खतियानी जोहार यात्रा के दौरान CM हेमंत ने BJP को महंगाई पर घेरा, बोले- पहले लगती थी डायन, अब नजर आ रही भौजाई

अब महंगाई जमीन छू रही है क्या,अब महंगाई इनको भौजाई नजर आ रही है. वहीं ढिबरा डंप कार्य को 40 वर्षों बाद पुन: शुरू करते हुए वाहन को हरी झंडी भी दिखाया.

खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कोडरमा से की. यहां के बागीटांड स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम जहां पूरी तरह भाजपा पर हमलावर रहे. सीएम ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र व भाजपा को घेरा़ कहा, पहले इन्हें महंगाई डायन लगती थी, सड़क पर कूद कर छाती फाड़ कर चिल्लाते रहते थे कि महंगाई आसमान छू रही है.

अब महंगाई जमीन छू रही है क्या,अब महंगाई इनको भौजाई नजर आ रही है. वहीं ढिबरा डंप कार्य को 40 वर्षों बाद पुन: शुरू करते हुए वाहन को हरी झंडी भी दिखाया. हेमंत ने कहा, खतियानी जोहार का मतलब अपनी पहचान है. हमारे झारखंडी होने की पहचान जरूरी है. आपस में लड़वाकर हमारे अधिकारों को दूसरों ने अपनी जेब में रख लिया.

उन्होंने कहा कि राज्य अलग हुए 20 वर्ष बीतने के बाद भी कौन मूलवासी है, इसकी पहचान नहीं हुई. यही वजह है कि मूलवासियों के हक व अधिकार की लूट खसोट हुई. खतियानी जोहार का मतलब ही हमारी पहचान है. भारत में हम झारखंडी कैसे हैं. इसकी पहचान जरूरी है़ इसे ध्यान में रखते हुए 1932 का खतियान लागू किया गया है़.

कुछ अधिकार विशुद्ध रूप से राज्यवासियों का होता है. कई राज्य अपनी पहचान के लिए कानून बना चुके हैं तो हम क्याें न करें. हेमंत ने कहा कि जो खतियानी है वहीं झारखंडी है, थर्ड व फोर्थ ग्रेड की नौकरी सौ प्रतिशत स्थानीय को मिले यह नियम हमने बनाया है़.

भाजपा झारखंडियों को पहचान नहीं दिला पायी :

सीएम ने कहा कि भाजपा ने अलग राज्य बनने के बाद 20 वर्ष में 18 वर्ष से ज्यादा समय तक राज किया, पर झारखंडियों को पहचान नहीं दिला पाये. भाजपा ने सिर्फ जाति, धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाया है और लड़ा रही है, पर हमारी सरकार ने झारखंडियों के लिए खतियान आधारित पहचान दिलाने का काम किया है. हेमंत ने कहा कि राज्य के युवाओं को न रोजगार के लिए चिंता करनी है और न बच्चों को भविष्य की पढ़ाई के लिए़ सरकार सभी के लिए व्यवस्था कर रही है

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By Prabhat Khabar News Desk

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