Ranchi News : दवा कंपनियों और दुकानों के फर्जीवाड़े पर रखें नजर : मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और औषधि निदेशालय के अधिकारियों के साथ की बैठक. बिना रजिस्ट्रेशन नहीं बिकेगी दवा, मेडिकल बोर्ड की लेनी होगी मंजूरी.
रांची. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार को राज्य औषधि निदेशालय की समीक्षा बैठक में दवा कंपनी और दवा दुकानों के फर्जीवाड़े पर निगरानी रखने को कहा. उन्होंने कहा कि दवा अति आवश्यक और संवेदनशील सामग्री है. गलत और नकली दवा के उपयोग से मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है. ऐसे में दवा की खरीद-बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखेगा. नकली दवा के सिंडिकेट की पहचान की जायेगी और कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
छापामारी करने का निर्देश
मंत्री ने कहा कि राज्य में कुछ फर्जी दवा कंपनियां सक्रिय हैं. इस पर नकेल कसने के लिए अधिकारियों को तत्काल जांच और छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है. बैठक में सभी ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिया गया कि वह नियमित रूप से दवा दुकानों का निरीक्षण करें. दवा की गुणवत्ता और स्टॉक की जांच करें. दवा दुकान में अनियमितता मिलती है, तो दुकानदार पर सख्त कार्रवाई करें. अगर औषधि निरीक्षक लापरवाही बरतते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दोबारा समीक्षा करेंगे.
दवा की गुणवत्ता और जांच की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली
औषधि निदेशक रितु सहाय से जानकारी ली गयी कि राज्य में कौन-कौन सी दवा की उपलब्धता है और सरकार का क्या नियंत्रण है. दवा की गुणवत्ता और जांच की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली. दवा दुकानों के लिए यह आदेश जारी करने को कहा गया कि डॉक्टर की लिखित पर्ची पर ही प्रतिबंधित दवा या कफ सिरप दें. मौके पर निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ चंद्र किशोर शाही, औषधि निदेशक रितु सहाय, संयुक्त निदेशक सुमन तिवारी सहित सभी जिलों के औषधि निरीक्षक और अधिकारी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
