Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोन पूर्वी झारखंड पहुंचा, 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोन पूर्वी झारखंड पहुंच गया है. मौसम विभाग ने झारखंड के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

Kal Ka Mausam: मानसून के झारखंड पहुंचने के बाद अब बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोन पूर्वी झारखंड पहुंच गया है. रविवार और सोमवार (1 और 2 जुलाई) को झारखंड के कम से कम 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है.

3 दिन तक झारखंड के कई हिस्सों में होगी भारी वर्षा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने रविवार को बताया कि झारखंड के उत्तर-पूर्वी तथा निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि 1 जुलाई के बाद 2 जुलाई और 3 जुलाई को भी झारखंड के कई हिस्सों में भारी वर्षा होगी, ऐसे संकेत मिल रहे हैं.

संताल परगना के इन जिलों के लिए मौसम विभाग का येलो अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, 1 और 2 जुलाई को संताल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा धनबाद एवं गिरिडीह जिले में भारी वर्षा हो सकती है. कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, लातेहार, चतरा, पलामू और गढ़वा जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

2 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

  • गढ़वा
  • पलामू
  • लातेहार
  • लोहरदगा
  • चतरा
  • रांची
  • हजारीबाग
  • रामगढ़
  • बोकारो
  • कोडरमा
  • गिरिडीह
  • धनबाद
  • देवघर
  • जामताड़ा
  • दुमका
  • गोड्डा
  • पाकुड़
  • साहिबगंज

3 जुलाई को इन जिलों में होगी भारी वर्षा

  • साहिबगंज
  • गोड्डा
  • पाकुड़
  • दुमका
  • देवघर
  • जामताड़ा
  • गिरिडीह
  • धनबाद
  • बोकारो

2 से 3 डिग्री तक अधिकतम तापमान में आएगी गिरावट

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि आने वाले 24 घंटे के दौरान झारखंड के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आ सकती है. इसके बाद अगले 3-4 दिन तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा 118.3 मिलीमीटर वर्षा हजारीबाग के विष्णुगढ़ में हुई.

पलामू में दर्ज हुआ सबसे अधिक और सबसे कम तापमान

इसी दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान 38.4 डिग्री सेंटीग्रेड पलामू के डालटेनगंज में रिकॉर्ड किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेंटीग्रेड भी डालटेनगंज में ही रिकॉर्ड किया गया. बोकारो धर्मल, बोरियो, डालटेनगंज, कोनेर, बड़कीसुरिया, बिशुनपुर (गुमला), लेस्लीगंज, चंदवा और मनातू में भारी वर्षा हुई.

जून में सामान्य से 61 फीसदी कम बरसा मानसून

मानसून के बारिश की बात करें, तो अभी भी सामान्य से 61 फीसदी कम वर्षा हुई है. झारखंड में 1 जून से 30 जून के बीच मानसून के सीजन में 189.5 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी. लेकिन, झारखंड में अभी तक 73.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से बहुत कम है. गोड्डा में सबसे कम सामान्य से 78 फीसदी कम बारिश हुई है.

Also Read

Kal Ka Mausam: झारखंड से क्यों रूठा है मानसून? कहां हुई बारिश, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम

Jharkhand Weather: झारखंड के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, रांची के कई हिस्सों में भी 5 जुलाई तक वर्षा का अनुमान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >