रांची, (सुनील चौधरी की रिपोर्ट): झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) और उसकी अधीनस्थ कंपनियों ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक बड़ी मिसाल पेश की है. भारत सरकार की ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) के साथ साझेदारी में संचालित ‘ई-मोबिलिटी कार्यक्रम’ के तहत रांची स्थित विभिन्न कार्यालयों में 40 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है.
लागत में भारी कमी: 80 पैसे प्रति किमी का खर्च
इलेक्ट्रिक कारों के इस्तेमाल से निगम को वित्तीय स्तर पर बड़ा लाभ हो रहा है. जहां सामान्य डीजल कारों पर प्रति किलोमीटर खर्च लगभग 5.50 से 6 रुपये आता है, वहीं ई-कार की परिचालन लागत मात्र 80 पैसे प्रति किलोमीटर है. यह गणना बिजली खपत के आधार पर की गई है, जो पारंपरिक ईंधन की तुलना में बेहद किफायती है.
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पर्यावरण और ईंधन की बचत
ईईएसएल के अधिकारी रणवीर के अनुसार, इस पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. इससे सालाना लगभग 1.20 लाख लीटर ईंधन की बचत हो रही है. साथ ही वातावरण में होने वाले कार्बन डाईऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन में 1400 टन की कमी आई है.
लीज पर संचालन और तकनीकी क्षमता
वर्तमान में ऊर्जा विकास निगम और एचइसी (HEC) मुख्यालय में कुल 56 इलेक्ट्रिक कारों (40 निगम और 16 एचइसी) का उपयोग हो रहा है. इस समझौते के तहत टाटा की ‘टिगोर’ सिडान कारें लीज बेसिस पर उपलब्ध कराई गई हैं. इसमें ड्राइवर समेत एक कार का मासिक किराया 40 हजार रुपये है. एक बार फुल चार्ज होने पर यह कार 130 से 150 किमी तक की दूरी तय करती है और इसकी अधिकतम स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इलेक्ट्रिक वाहनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए रांची के प्रमुख केंद्रों पर 12 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं. ये स्टेशन जेबीवीएनएल मुख्यालय (HEC), कुसई कॉलोनी और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों में स्थित हैं. इन स्टेशनों पर कार को फुल चार्ज होने में मात्र दो से तीन घंटे का समय लगता है.
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