JSSC पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, सौदा करनेवाले हर अभ्यर्थी से वसूले गये थे 27-27 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में अवर सचिव ने प्रश्नपत्र लीक मामले में संलिप्तता से इनकार किया. लेकिन जब पुलिस ने सबूत पेश किया, तो उन्होंने कई जानकारी पुलिस को दी.

रांची : झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (जेएसएससी) के प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरफ्तार विधानसभा के अवर सचिव मो सज्जाद इमाम उर्फ शमीम और उनके दो बेटों शहजादा और शाहनवाज को सोमवार को रांची सिविल कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. तीनों को रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र से रविवार को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में अवर सचिव ने प्रश्नपत्र लीक मामले में संलिप्तता से इनकार किया. लेकिन जब पुलिस ने सबूत पेश किया, तो उन्होंने कई जानकारी पुलिस को दी. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जेएसएससी में बहाली के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 27 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. लेकिन किसी से इन लोगों ने पेशगी की रकम नहीं ली थी. बदले में चार-पांच अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड, ब्लैंक चेक, स्कूल-कॉलेज का ओरिजनल अंकपत्र और मोबाइल फोन इन लोगों ने अपने पास रखा था.

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एसआइटी की छापेमारी में अवर सचिव के बेटों ने अभ्यर्थियों से वाट्सएप पर चैटिंग भी की थी. कुछ चैट को इन लोगों ने डिलिट भी कर दिया है. इन लोगों ने पटना के एक व्यक्ति से अभ्यर्थियों की बहाली को लेकर संपर्क साधा था. उनकी भी पुलिस तलाश कर रही है. वहीं पुलिस ने कई अभ्यर्थियों और मामले से जुड़े लोगों की संलिप्तता के दस्तावेज भी जुटाये हैं. संभव है कि मंगलवार को छह वैसे लोगों को पुलिस गिरफ्तार करें, जिनको हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी.

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By Prabhat khabar news desk

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