ranchi news : अपने राज्य में नहीं मिला फंड, पुणे में परिवहन की दिशा बदल रहे झारखंड के युवा
झारखंड के चार युवाओं की टीम अपने नये स्टार्टअप आइडिया के जरिये पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के साथ मिल कर वहां के डीजल व पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदल रही है.
क्रांति दीप. झारखंड के चार युवाओं की टीम अपने नये स्टार्टअप आइडिया के जरिये पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के साथ मिल कर वहां के डीजल व पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदल रही है. स्टार्टअप का नाम है ‘इलेक्ट्रोमोशन ई-विद्युत व्हीकल प्रालि’ और टीम में शामिल हैं रांची के पुलकित जैन, जमशेदपुर के सूर्य प्रताप सिंह व गौरव कुमार सिंह और कोडरमा के विश्वजीत कुमार. इन युवाओं का यहां तक का सफर आसान नहीं रहा. ‘झारखंड स्टार्टअप पॉलिसी-2016’ के तहत 2018 में इनके प्रोजेक्ट ‘इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो’ का चयन किया गया. कॉन्सेप्ट था डीजल व पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलना.
10 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन उन्हें यह फंड नहीं मिला
इस प्रोजेक्ट को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की ओर से इन्हें 10 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन उन्हें यह फंड नहीं मिला. इसके बावजूद निराश हुए बिना चारो युवा अपने इनोवेशन पर लगातार मेहनत करते रहे. टीम के सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि हमारी टीम फिलहाल पिंपरी-चिंचवड म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए ऑटो रेट्रोफिटींग कर रही है. दोनों ही म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने पहले चरण में 1000-1000 ऑटो रेट्रोफिटिंग का लक्ष्य रखा है. हमारी टीम और ऑटो ड्राइवर यूनियन के आग्रह पर दोनों म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की ओर से ऑटो चालकों को सब्सिडी भी दी जा रही है. ऑटो रेट्रोफिटींग के लिए पुरुष ऑटो चालकों को 30 हजार रुपये, जबकि महिला चालकों को 100 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है. वहीं, महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने भी ऑटो रेट्रोफिटिंग के लिए हमें लाइसेंस दे दिया है. वहां भी जल्द ही काम शुरू किया जायेगा.हाल ही में मिली है 3.4 करोड़ रुपये की फंडिंग
इस टीम को हाल ही में टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भारत सरकार की ओर से 3.4 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है. अब इस स्टार्टअप के व्यवसायीकरण पर काम किया जायेगा. इसमें 100 इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो तैयार किये जायेंगे. इनके इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट ऑटो को लंदन के वेंचर कैपिटलिस्ट व नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, एनआरडीसी से इंवेस्टमेंट मिल चुका है.एक ऑटो को बदलने में 60 हजार का खर्च आयेगा
पुलकित ने बताया कि पुराने पेट्रोल व डीजल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलने में करीब 60 हजार रुपये खर्च होंगे़ एक बार चार्ज करने पर 100 किमी से ज्यादा चलेगा. पुराने ऑटो में ईंधन और रखरखाव का खर्च ज्यादा होता है, इससे बचत होगी. जितनी लोडिंग क्षमता आम ऑटो में होती है, उतनी ही लोडिंग क्षमता इसमें होगी. ड्राइवर डिस्प्ले भी होगा, जिसमें बैटरी, रूट, सड़कों की स्थिति की जानकारी मिलेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
