Jharkhand Weather: बारिश-तूफान से आम जीवन अस्त-व्यस्त, जानें कब मिलेगी राहत

Jharkhand Weather: झारखंड में अगले 5 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है. IMD ने कई जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...

Jharkhand Weather: झारखंड में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार 13 मई से 19 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, साथ ही तेज आंधी और तूफान से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. राजधानी में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और तेज हवाएं चलने से कई जगहों पर पेड़ गिरने की घटना भी देखने को मिली.

15-16 मई को चलेंगी 56 से 60 kmph की रफ्तार से हवाएं

मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. वहीं 15 और 16 मई को कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. विभाग के अनुसार रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में मौसम का बदला मिजाज देखने को मिलेगा. लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

डाल्टनगंज सबसे गर्म शहर

बीते 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 52 मिलीमीटर वर्षा पाकुड़ के अमड़ापाड़ा में रिकॉर्ड की गई. वहीं, डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. रांची में भी अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने, गरज के साथ बारिश और बादल बनने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार राजधानी का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.

रांची में बारिश और थंडरिंग से कई इलाकों में घंटों गुल रही बिजली

बारिश, हवा और थंडरिंग की वजह से रांची में ग्रिडों से बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. 132/33 केवीए हटिया ग्रिड से जुड़े इलाकों में थंडरिंग के कारण बुधवार को दोपहर तीन बजे बिजली गयी. आपूर्ति सामान्य होने में दो से तीन घंटे लग गये. थोड़ी देर के लिए नामकुम, हटिया और कांके ग्रिड से शहर की सप्लाई दो तिहाई घट गयी. राजधानी का शायद ही कोई इलाका अछूता रहा, जहां बिजली सप्लाई बाधित नहीं हुई हो. हटिया ग्रिड के सभी चार बड़े ट्रांसफॉर्मर से महज 30 मेगावाट ही मांग जेनरेट हो रही थी. कई इलाकों में शाम करीब चार बजे बिजली आयी, तो वह बार-बार ट्रिप होती रही. यही हाल नामकुम ग्रिड से जुड़े कोकर रूरल और अर्बन सबस्टेशनों का भी रहा. वहीं, इनमें से 33 केवीए बेड़ो सहित कई पीएसएस ऐसे भी थे, जिन्होंने किसी बड़ी आशंका को देखते हुए ग्रिड से लोड को स्वत: कम कर लिया. हालंकि, शाम छह बजे तक हटिया ग्रिड से डिमांड 30 मेगावाट से बढ़कर 126 मेगावाट पहुंच गया.

यहां देर तक बाधित रही बिजली आपूर्ति

33 केवीए आरएंडडी सेल सबस्टेशन अरगोड़ा, धुर्वा, कांके, बेड़ो, टाटीसिलवे-तुपुदाना, रातू, ब्रांबे, रातू रोड और रिंग रोड से सटे इलाकों में बिजली ट्रिप कर गयी. मंगलवार को आंधी से हुए नुकसान का डैमेज कंट्रोल का काम बुधवार को भी दिखा. इस कारण भी बुधवार को कई क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचोनी जारी रही. 11 केवी मधुकम के तहत हरिनगर में एलटी केबल का काम होने के कारण सुबह कई क्षेत्रों में बिजली आती-जाती रही. सुबह में आठ बजे से दस बजे तक हरमू साकेत विहार कॉलोनी सहित पहाड़ी फीडर में भी बिजली की आंख-मिचोनी जारी रही. कोकर, सरना टोली, अयोध्यापुरी, डेलाटोली, रानीबागान, महावीर नगर, धुर्वा, मोरहाबादी, चडरी, न्यू कॉलोनी, हैदर अली रोड, लालपुर, ईस्ट जेल रोड, चुटिया, हरमू, किशोरगंज, रातू रोड, कृष्णापुरी, पथलकुदवा, टाटीसिलवे, पुंदाग, कांके, न्यू नगर, दीपाटोली, खेलगांव, विकास, नेवरी व ओरमांझी में लाइनें ट्रिप करती रहीं.

चाईबासा: 120 किमी प्रति घंटा के रफ्तार चली हवा, शहर में ब्लैक आउट

बुधवार शाम में चाईबासा और आसपास के इलाकों में आई भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. शाम करीब 5 बजे अचानक 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आए चक्रवाती तूफान ने शहर की विद्युत व्यवस्था और यातायात को भारी नुकसान पहुंचाया है. सदर अस्पताल से बड़ी बाजार जाने वाले मार्ग बड़ी बाजार पानी टंकी के पास बिजली पोल एवं विशाल पेड़ गिरने से पूरी तरह से सड़क जाम हो गया है. इससे आवागमन बाधित हुआ. वहीं और बिजली के खंभे धराशायी होने के कारण देर रात तक बिजली कटी रही. इससे इस मार्ग पर आवागमन भी बाधित हो गया. मंडल कारा के पास पेडों की टहनियां और पेड गिरने के कारण बस स्टैंड चौक अस्त- व्यस्त हो गया है. झमाझम बारिश की वजह से नीमडीह होते हुए गांधी टोला में सडकों पर जल जमाव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थिति यह रही कि गांधी टोला के कई गलियों में बारिश के साथ नाली का पानी भी भर गया था. इस दौरान 20.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी.

गढ़वा : आंधी और बारिश ने मचाया तांडव, पेड़ गिरने से टंडवा के युवक की मौत

गढ़वा जिले में मंगलवार की शाम आई तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. कुदरत के इस कहर ने एक परिवार की खुशियां छीन ली. गढ़वा के टंडवा निवासी अशोक मेहता उर्फ गुड्डू मेहता (42 वर्ष) की ऊपर पेड़ गिर जाने से मौत हो गई. बताया गया कि शाम में वह अपने घर के पीछे गाय दुह रहा था, जहां एक सूखा हुआ पुराना पेड़ गिर गया, जिससे घटना स्थल पर उसकी मौत हो गयी. इस घटना दो गाय की भी मौत हो गयी. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाया और गहरी संवेदना प्रकट की. श्री ठाकुर ने कहा कि प्रकृति की इस भयावह त्रासदी ने एक परिवार से उनका सहारा छीन लिया है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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