SIR में मतदाता सूची के साथ नागरिकता का भी सत्यापन, बोले CEO के. रवि कुमार- योग्य नागरिकों का नाम दर्ज करना आयोग की प्राथमिकता

झारखंड में मतदाता पंजीकरण पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने बताया कि इस बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ नागरिकों की नागरिकता का भी सत्यापन किया जा रहा है.

रांची : एक नागरिक के तौर पर आपका वोट आपकी आवाज़ है, और इस बार आपकी नागरिकता की पुष्टि के साथ यह आवाज़ और भी मज़बूत होने वाली है. मतदाता का विस्तृत मतदाता जांच (SIR) एक नियमित प्रक्रिया है, जो इस बार भी की जा रही है. हालांकि, इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव है: मतदाता पुनरीक्षण के साथ नागरिकता का भी सत्यापन किया जा रहा है. यह पहली बार है जब ऐसा हो रहा है, इसलिए निर्वाचन कार्यालय इसे अत्यंत गंभीरता से ले रहा है. ये बातें राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) के. रवि कुमार ने कहीं.

मतदाता सूची 2026: NUSRL में अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में नई दिशाएं

CEO के. रवि कुमार बुधवार से कांके स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल) में शुरू हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे. सेमिनार का विषय ‘वोटर रजिस्ट्रेशन और वोटर रजिस्टर-2026’ है. इसमें मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची के अद्यतन और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है.

हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग की कोशिश है कि भारत के प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो. यदि किसी कारण से किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में छूट जाता है, तो उसे भी अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. इसी उद्देश्य से मतदाता पुनरीक्षण के दौरान संबंधित दस्तावेज़ मांगे जा रहे हैं.

मतदाता सूची अपडेट करने में एआइ टूल का भी इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि विश्व के अलग-अलग देशों में मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं. झारखंड में भी मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में एआइ टूल का उपयोग किया जा रहा है. यह एआई डुप्लिकेट एंट्री पहचानने या मतदाताओं के पते सत्यापित करने में मदद कर सकता है.

चुनावी प्रक्रिया में जन विश्वास ज़रूरी : रॉबर्ट पी. कुजूर

सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य रॉबर्ट पी. कुजूर ने कहा कि वोटर रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. मतदाता सूची दुरुस्त रखना सामूहिक ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता ज़रूरी है.

योग्य मतदाताओं का नाम सूची में होना ज़रूरी : अशोक आर. पाटिल

एनयूएसआरएल के कुलपति अशोक आर. पाटिल ने कहा कि लोगों की ज़िम्मेदारी है कि वे मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं. मतदान प्रक्रिया को साफ़-सुथरा और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए मतदाता सूची में सिर्फ़ योग्य लोगों के नाम होने चाहिए. अयोग्य लोगों को मतदान करने से रोकना भी ज़रूरी है.

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स्कूलों में मतदान और मतदाता प्रबंधन की पढ़ाई की तैयारी

बेंगलुरु स्थित एनआइटीटीएलई एजुकेशन ट्रस्ट के उपाध्यक्ष संदीप शास्त्री ने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए मतदान और मतदाता प्रबंधन से जुड़े विषयों की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है. कई विश्वविद्यालयों में मतदाता पंजीकरण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाने की तैयारी है.

मतदाता पंजीकरण को ज़्यादा प्रभावी, पारदर्शी बनाने पर जोर

सेमिनार में विभिन्न वक्ताओं ने मतदाता पंजीकरण को ज़्यादा प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के तरीकों पर ज़ोर दिया. इसमें योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करने, सूची को लगातार अपडेट करने, और चुनावी प्रक्रिया में जन-विश्वास बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया. इसके अलावा, मतदाता सूची को दुरुस्त रखने के लिए AI जैसे नए तकनीकों के इस्तेमाल और स्कूली स्तर पर मतदाता शिक्षा को बढ़ावा देने की बातों पर भी चर्चा हुई.

कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति सारंग मेधेकर और आइआइआइडीएम के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. सेमिनार में मतदाता पंजीकरण को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया.

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By प्रतीक्षा कुमारी

प्रतीक्षा कुमारी को कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव है। वह फिलहाल प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में काम कर रही हैं। इससे पहले प्रतीक्षा The Followup के साथ भी काम कर चुकी हैं। अपने काम के दौरान इन्होंने झारखंड से जुड़ी स्थानीय, राजनीतिक, सामाजिक और आम लोगों से जुड़े मुद्दों की खबरें लिखने, एडिट करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करने का काम किया है। इसके साथ ही इन्हें न्यूज का वॉयस ओवर करने का भी अनुभव है। प्रतीक्षा खबरों को आसान, प्रभावी और दर्शकों की समझ के मुताबिक लिखने के साथ-साथ वीडियो के लिए स्क्रिप्ट तैयार करने और उसे अपनी आवाज में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का काम भी करती हैं। पत्रकारिता में उनकी खास दिलचस्पी झारखंड के स्थानीय मुद्दों, राजनीति, शिक्षा, रोजगार और आम लोगों से जुड़े विषयों पर खबरें तैयार करने और डिजिटल न्यूज कंटेंट बनाने में है।

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