झारखंड हाईकोर्ट की JSSC और सरकार को चेतावनी: '3 जुलाई तक भरें शिक्षकों के रिक्त 2034 पद', वरना….

Jharkhand Teacher Recruitment Case: झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के रिक्त 2034 पदों पर नियुक्ति न होने पर कड़ी नाराजगी जताई है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सरकार और JSSC को फटकार लगाते हुए पूछा है कि 1 सितंबर 2025 के आदेश के बावजूद अब तक नियुक्तियां क्यों नहीं की गईं. कोर्ट ने सरकार और आयोग को 3 जुलाई तक समय दिया है.

Jharkhand Teacher Recruitment Case, रांची, (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के मामले में अपनी सख्त टिप्पणी से सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने रिक्त पड़े 2034 पदों पर नियुक्ति न होने के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अविलंब कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

एक सितंबर के आदेश की अनदेखी पर सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार और JSSC से पूछा कि 1 सितंबर 2025 को पारित आदेश का अब तक पालन क्यों नहीं किया गया? उल्लेखनीय है कि एकल पीठ ने सरकार को 6 माह के भीतर इन 2034 रिक्त पदों पर याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति का आदेश दिया था. निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद मनोज कुमार गुप्ता सहित अन्य अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका दायर की है.

Also Read: IIM कोलकाता सिखाएगा व्यापार के गुर: झारखंड की 50 हजार महिला उद्यमियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी

अपील याचिका का दिया गया हवाला

प्रतिवादियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 26 सितंबर 2025 को अपील याचिका दायर कर इस आदेश को चुनौती दी गई है, जिस पर फिलहाल सुनवाई चल रही है. हालांकि, अदालत ने इस दलील को पर्याप्त नहीं माना और एकल पीठ के आदेश का अनुपालन करने के लिए प्रतिवादियों को अतिरिक्त समय दिया है.

3 जुलाई तक की डेडलाइन

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तिथि निर्धारित की है. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि 3 जुलाई से पहले आदेश का पालन नहीं किया गया, तो अदालत कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर होगी. इस मामले में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता और चंचल जैन ने पक्ष रखा, जबकि JSSC का पक्ष अधिवक्ता संजय पिपरावाल व प्रिंस कुमार ने प्रस्तुत किया.

Also Read: झारखंड के अस्पतालों में डिजिटल क्रांति: अब न कतार, न इंतजार, सीधे आपके मोबाइल पर पहुंचेगी लैब रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >