जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश का 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना

प्रखंड परिसर में जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को झारखंड विधानसभा से डीलिस्टिंग बिल पास कर केंद्र भेजने को लेकर एकदिवसीय धरना दिया

कांके.

प्रखंड परिसर में जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को झारखंड विधानसभा से डीलिस्टिंग बिल पास कर केंद्र भेजने को लेकर एकदिवसीय धरना दिया. धरना के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व राज्यपाल को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा. जिसमें जाति प्रमाण पत्र में पिता के नाम के साथ पति का नाम होना अनिवार्य करने, ताकि जनजाति आरक्षण बच सके, राज्य में सीएनटी व एसपीटी एक्ट होते हुए भी सादा पट्टा पर जमीनों की खरीद बिक्री व लेनदेन रोकने, छात्र-छात्राओं के लिए जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र व आय प्रमाण पत्र एक सप्ताह के भीतर निर्गत करनेे, पंजी टू में त्रूटी सुधार में ग्रामीणों की सुविधा को सरल करने व अधिकारियों द्वारा रुपये की मांग नही करने, जनजातियों व आदिवासियों की सामाजिक व्यवस्थाओं की जमीन, सरना, मसना, हड़बोड़ी, अखरा, गावा देवती, जतरा पूजा स्थल, जमीन, भूइंहरी, डाली कतारी, खूंटकटी, मुंडा जमीन, महतो जमीन, पइनभोरा जमीन वगैरह जमीन की रक्षा व सवर्द्धन के लिए कड़ा कानून बनाने, पंचायत जनप्रतिनिधियों की आकस्मिक मृत्यु व दुर्घटना की स्थिति में 50 लाख का बीमा मुआवजा व विधायकों की तरह सेवा समाप्ति के बाद पेंशन देने व आत्मरक्षा के लिए अंगरक्षक व शस्त्र का लाइसेंस देने, भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने, झारखंड सरकार विधानसभा से डीलिस्टिंग बिल पास कर महामहिम राज्यपाल से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजने आदि की मांग की है. मौके पर पहलवान मुंडा, संदीप उरांव, जिप सदस्य किरण देवी, सुषमा देवी, जय मंगल उरांव, असवानी टोप्पो उराव, परना उरांव, विश्वकर्मा पहान, कैलाश मुंडा, झालो देवी, मालती देवी, बिरेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे.

फोटो, धरना में शामिल जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के सदस्य.B

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By Prabhat Khabar News Desk

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