झारखंड में ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मिलेगी रफ्तार, ग्रामीण कार्य विभाग ने जारी की राशि

Jharkhand Road Construction: झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सुदृढ़ीकरण योजना के तहत काम करने वाले ठेकेदारों के बकाए भुगतान के लिए राशि आवंटित कर दी है. मापी पुस्तिका के आधार पर सभी प्रमंडलों को फंड भेज दिया गया है, जिससे पिछले 6 महीने से ठप पड़े सड़क निर्माण कार्यों को दोबारा रफ्तार मिलेगी. पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें.

Jharkhand Road Construction, रांची (मनोज लाल की रिपोर्ट): झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे और सड़कों के जाल को मजबूत करने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने राज्य में ग्रामीण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य में जुटे ठेकेदारों के लंबे समय से लंबित बकाए के भुगतान के लिए राशि का आवंटन कर दिया है. मापी पुस्तिका (Measurement Book) के आधार पर राज्य के सभी प्रमंडलों (Divisions) को फंड जारी कर दिया गया है. इस आवंटन से पिछले छह महीनों से फंड की कमी के कारण सुस्त पड़ी या बंद हो चुकी ग्रामीण सड़क योजनाओं को दोबारा गति मिल सकेगी.

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सुदृढ़ीकरण योजना के तहत होगा भुगतान

जानकारी के अनुसार, झारखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में ‘मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना’ और ‘मुख्यमंत्री सड़क सुदृढ़ीकरण योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य कराया गया था. इन योजनाओं को पूरा करने वाले ठेकेदारों की एक बड़ी राशि लंबे समय से विभाग के पास फंसी हुई थी. हालांकि, बीच-बीच में अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) के माध्यम से आंशिक भुगतान जरूर किया गया था, लेकिन मुख्य बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा अटक जाने के कारण ठेकेदारों के सामने कार्यशील पूंजी (Working Capital) का संकट खड़ा हो गया था.

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फंड की कमी से कई जगह ठप हो गया था काम

बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में ठेकेदारों ने आहत होकर काम पूरी तरह से बंद कर दिया था, जिससे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सड़कों के निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी हो गई थी. इस गतिरोध को दूर करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग भी नए वित्तीय बजट का इंतजार कर रहा था. अब बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान होने और फंड स्वीकृत होने के बाद विभाग ने बिना वक्त गंवाए इसे प्रमंडलों को हस्तांतरित कर दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन ठेकेदारों ने धरातल पर जितना काम (भौतिक प्रगति) किया है, मापी पुस्तिका के मूल्यांकन के अनुसार उन्हें उतनी राशि का भुगतान पारदर्शी तरीके से कर दिया जाएगा.

एक सप्ताह के भीतर खाते में आएगी राशि

विभागीय इंजीनियरों और तकनीकी पदाधिकारियों ने बताया कि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित ठेकेदारों के वैध बकाए का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा. इस बजटीय राहत से न केवल प्रमंडलों के स्तर पर प्रशासनिक और वित्तीय गतिरोध दूर होगा, बल्कि ठप पड़ी योजनाओं की प्रगति में भी तेजी लाई जा सकेगी. अधिकारियों ने माना कि पिछले लगभग छह महीनों से वित्तीय संसाधनों के अभाव में ग्रामीण संपर्क (Rural Connectivity) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं बुरी तरह प्रभावित थीं, जो अब दोबारा पटरी पर लौट आएंगी.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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