झारख‍ंड के निजी स्कूल BPL बच्चों के नामांकन की दे रहे गलत जानकारी, अब होगी जांच, जानें क्या है नियम

झारखंड के निजी स्कूल बीपीएल बच्चों के नामांकन को लेकर सीट की गलत जानकारी दे रहे हैं, अब इस मामले की पड़ताल के लिए कमेटी गठित कर दी गयी है. ऐसा इसलिए क्यों कि 25 फीसदी सीट बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित है. लेकिन निजी स्कूल इसे फॉलो नहीं कर रहे हैं

रांची: निजी स्कूल बीपीएल बच्चों के नामांकन को लेकर सीट की गलत जानकारी दे रहे हैं. अब इसकी जांच की जायेगी. राजधानी में लगभग सभी स्कूलों में कम से कम तीन से चार हजार विद्यार्थियों की संख्या है, लेकिन स्कूल प्रबंधन इंट्री क्लास में मात्र 20 से 30 सीट होने की बात कह रहे हैं. अब डीएसइ ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.

कमेटी को 15 मई तक जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. कमेटी स्कूलों द्वारा दी गयी जानकारी की जांच करेगी. स्कूल जाकर कागजात व आवश्यकता अनुरूप उपस्थिति पंजी की जांच की जायेगी, ताकि इस बात का पता चले कि स्कूल में इंट्री क्लास में कुल कितने बच्चों का नामांकन लिया जा रहा है. इसके अलावा वर्ष 2022-23 में अब तक स्कूल द्वारा लिये गये नामांकन की भी जांच की जायेगी.

चार सदस्यीय कमेटी का गठन :

जांच के लिए बनी कमेटी में अतिरिक्त कार्यक्रम पदाधिकारी कौशल किशोर, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी निशि प्रभा, एमआइएस प्रभारी प्रताप कुमार व संबंधित विद्यालय के संकुल साधन सेवी शामिल हैं. कमेटी स्कूलों द्वारा नामांकन को लेकर दी गयी जानकारी की जांच रिपोर्ट डीएसइ को देगी.

क्यों लिया गया जांच का निर्णय :

शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में इंट्री क्लास की कुल सीट का 25 फीसदी सीट बीपीएल बच्चों के लिए आरक्षित है. स्कूलों द्वारा प्रति वर्ष सीट की जानकारी डीएसइ कार्यालय को दी जाती है. स्कूल प्रबंधन बताते हैं कि उनके स्कूल में इंट्री क्लास में कुल कितनी सीट है. इसमें से कितनी सीट पर बीपीएल बच्चों का नामांकन लिया जायेगा. राजधानी के दर्जन भर से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने इंट्री क्लास में 40 से कम सीट होने की बात कही है, पर उनके स्कूल में कुल तीन से चार हजार बच्चों का नामांकन लिया गया है. कमेटी ऐसे मामलों की जांच करेगी.

प्रति वर्ष रिक्त रह जाती है आरक्षित सीट :

निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकन के लिए आरक्षित सीट प्रति वर्ष रिक्त रह जाती है. रांची के निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के लिए कुल 1052 सीट आरक्षित हैं. पिछले दो वर्ष में कुल सीट का 50 फीसदी भी नामांकन नहीं हुआ है.

Posted By: Sameer Oraon

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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