जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग समेत 9 मुद्दों पर पुलिस एसोसिएशन का 8 सितंबर से होगा आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर रहा है. मांगों में वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी, 10 साल से एक ही जगह तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर कानून बनाने की मांग प्रमुख है. आंदोलन 8 सितंबर से शुरू होगा.

रांची. झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने प्रेस को संबोधित करते हुए सरकार और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने बार-बार पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है. लेकिन, उम्मीद के मुताबिक कोई प्रगति नहीं हुई है.

राहुल मुर्मू ने कहा कि हाल ही में एक विधायक द्वारा कथित रूप से किए गए आपराधिक कृत्य के मामले में नियमों के अनुसार जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि एसोसिएशन लगातार इस दिशा में दबाव बना रहा है और आगे भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि दोषी कौन है, इसका फैसला न्यायालय करेगा, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि कानून के तहत प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय तक पहुंचाया जाए.

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

राहुल मुर्मू ने कहा कि एसोसिएशन ने कई बार पत्र लिखकर मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा कि किसी मामले में नोटिस तामिला करने, साक्ष्य संग्रह करने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन अपेक्षित कार्रवाई में हुई देरी और प्रगति को लेकर नाराज है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन कानून और संविधान का पालन करता है.

राहुल मुर्मू ने कहा कि अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या पुलिसकर्मी भी गलत पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. एसोसिएशन किसी दोषी पुलिसकर्मी का पक्ष नहीं लेगा. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन, बर्खास्तगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के भी प्रावधान हैं.

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बाद, एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के मुद्दे को भी उठाया.

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के खिलाफ स्पष्ट कानूनी प्रावधान की मांग

एसोसिएशन अध्यक्ष ने पुलिस के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के कार्य में अनैतिक हस्तक्षेप करने वाले जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग की.

उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि पुलिस की कार्रवाई में अनावश्यक दबाव या हस्तक्षेप करता है तो उसके लिए भी स्पष्ट कानूनी प्रावधान होना चाहिए.

राहुल मुर्मू ने कहा, “नो वन इज अबव द लॉ.” उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और सभी को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत काम करना चाहिए.

पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाने और सुविधाओं में सुधार की मांग

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते और राशन भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की है. इसके अलावा सातवें वेतनमान के अनुरूप विभिन्न भत्तों की समीक्षा और पुनरीक्षण की मांग भी रखी गई है.

एसोसिएशन की मांगों में गृह भत्ता, परिवार भत्ता, धुलाई भत्ता, विशेष कर्तव्य भत्ता, आर्मरर भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता और मेडल भत्ता सहित अन्य सुविधाओं की समीक्षा शामिल है.

एसोसिएशन ने केंद्रीय पुलिस बलों की तर्ज पर झारखंड पुलिस के कर्मियों के दो बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षण भत्ता देने की भी मांग की है.

10 साल से एक ही जगह तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले की मांग

राहुल मुर्मू ने लंबे समय से एक ही जिले में तैनात पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों के तबादले का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से तैनात पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि एक ही जगह लंबे समय तक रहने से पुलिसकर्मियों के परिवारों को भी दिक्कतें होती हैं और उनका मनोबल भी कम हो जाता है.

उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, लातेहार, गढ़वा, पलामू सहित अन्य जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो पुलिस पदाधिकारी और कर्मचारी 10 वर्षों से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थापित हैं, उनका जल्द से जल्द स्थानांतरण किया जाना चाहिए.

एसोसिएशन ने पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को समय पर पदोन्नति देने की भी मांग की है.

8 सितंबर से शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. आंदोलन का यह कार्यक्रम भविष्य में होने वाले आंदोलन का विवरण है.

आंदोलन का कार्यक्रम इस प्रकार है—

8 से 11 सितंबर 2026: पुलिसकर्मी चार दिनों तक वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे.

19 सितंबर 2026: एक दिवसीय सामूहिक उपवास किया जाएगा. इस दौरान पुलिस केंद्रों और संबंधित स्थानों पर सामूहिक भोजन व्यवस्था और मेस बंद रखने की बात कही गई है.

24 सितंबर 2026: एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा. केंद्रीय स्तर के पदाधिकारी पुलिस मुख्यालय और डीजीपी कार्यालय के समीप धरना देंगे, जबकि जिला और अन्य इकाइयों के सदस्य अपने संबंधित कार्यालयों और समादेशालयों के पास धरना देंगे.

5 से 10 अक्टूबर 2026: झारखंड पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों ने छह दिनों तक सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी जानकारी

राहुल मुर्मू ने कहा कि आंदोलन और नौ सूत्री मांगों की जानकारी झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है.

इसके अलावा मुख्य सचिव, गृह विभाग के अधिकारियों, डीजीपी, रेलवे, वायरलेस, अग्निशमन, सीआईडी, एसीबी और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचित किया जा रहा है.

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि पुलिसकर्मियों की लंबे समय से लंबित बुनियादी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान निकाला जाए.

संवैधानिक तरीके से ही लड़ेंगे लड़ाई

एसोसिएशन संवैधानिक दायरे में अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहा है और इस प्रक्रिया में आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है. लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.
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