Jharkhand News: 8 कांग्रेस विधायक दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे से मिलेंगे, चंपाई सोरेन और जीए मीर ने कही ये बात

Jharkhand News: झारखंड में चंपाई सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नाराजगी जताने वाले कांग्रेस के 8 विधायक मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे.

Jharkhand News: झारखंड में चंपाई सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अपनी नाराजगी जताने वाले कांग्रेस के 12 में से 8 विधायक रविवार (18 फरवरी) को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने पहुंचे हैं. आलाकमान से अब तक उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है. झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन और झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे से मिले चंपाई सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों का दिल्ली आना और पार्टी आलाकमान मल्लिकार्जुन खरगे से उनकी मुलाकात से सरकार का कोई लेना देना नहीं है. यह पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है. इस विषय में जो भी बात कहनी होगी, वही लोग कहेंगे.

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कोल्हान टाइगर ने खरगे का आभार जताया

कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन ने भी रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद उनकी मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात नहीं हो पाई थी. मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद वह कांग्रेस आलाकमान के प्रति आभार जताने आए थे.

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी बोले : सरकार से नाराज नहीं विधायक

उधर, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर से जब झारखंड के विधायकों की आलाकमान से मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार को लेकर उनकी कोई नाराजगी नहीं है. कांग्रेस के विधायक अपने नेता से मिलने आए हैं. उनके क्षेत्र की कुछ समस्याएं हैं, जिसके बारे में बात करने के लिए सभी मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने आए हैं.

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Jharkhand News: क्षेत्र की समस्या लेकर आए हैं झारखंड के विधायक

गुलाम अहमद मीर ने कहा कि किसी विधायक को सरकार से कोई शिकायत नहीं है. वे अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर दिल्ली आए हैं. उन्हनका पार्टी आलाकमान से मुलाकात का कार्यक्रम है. आलाकमान से मुलाकात के बाद सबकी कोशिश होगी कि उनकी समस्याओं का समाधान हो जाए.

चार मंत्रियों के खिलाफ एकजुट हुए हैं एक दर्जन विधायक

बता दें कि कांग्रेस विधायकों की नाराजगी चंपाई सोरेन मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से ज्यादा इस बात से है कि एक बार फिर उन्हीं चार विधायकों को मंत्री बनाया गया है, जो हेमंत सोरेन की सरकार में भी मंत्री रहे थे. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि इन मंत्रियों ने कोई काम नहीं किया.

कांग्रेस विधायकों का आरोप- 4 मंत्रियों ने नहीं किया कोई काम

कांग्रेस के क्षुब्ध विधायकों ने साफ कह दिया है कि इन मंत्रियों ने चार साल में कोई काम नहीं किया. मंत्री बनने के बाद उन्होंने विधायकों के फोन तक उठाने बंद कर दिए. कांग्रेस पार्टी के होते हुए मंत्रियों ने कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र में विकास योजनाओं पर कोई काम नहीं किया. इसलिए वे लोग इन्हें फिर से मंत्री बर्दाश्त नहीं करेंगे. इन सभी मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह नए लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए.

कांग्रेस कोटे के 4 मंत्रियों को हटाने की विधायक कर रहे हैं मांग

कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों ने पहले रांची में चंपाई सोरेन के मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के शपथ ग्रहण के दिन ही अपनी नाराजगी जता दी थी. 16 फरवरी को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 17 फरवरी को ये लोग दिल्ली पहुंचे और 18 फरवरी को आलाकमान से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई. सभी चार मंत्रियों को हटाने की मांग की. इन विधायकों का कहना है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तो वे झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में नहीं जाएंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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