दुमका में विदेशी महिला से गैंगरेप केस की झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, सरकार से पूछे ये सवाल

एक्टिंग चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा है कि सरकार ने विदेशी नागरिकों के झारखंड आने पर उनकी सुरक्षा के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर (एसओपी) है? क्या सरकार ने ऐसे लोगों के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

झारखंड की उप-राजधानी दुमका में विदेशी महिला से गैंगरेप केस में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई सवाल पूछे हैं. एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने झारखंड सरकार से पूछा है कि अगर कोई विदेशी नागरिक झारखंड की सीमा में दाखिल होता है, तो उसके लिए क्या नियम-कानून हैं. कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था.

एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली बेंच में सुनवाई

एक्टिंग चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा है कि सरकार ने विदेशी नागरिकों के झारखंड आने पर उनकी सुरक्षा के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर (एसओपी) है? क्या सरकार ने ऐसे लोगों के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. अगर सरकार ने कोई एसओपी बना रखी है, तो उसे कोर्ट में पेश किया जाए. साथ ही कोर्ट ने सरकार से यह भी बताने के लिए कहा है कि इस मामले में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है.

झारखंड सरकार को 13 मार्च तक जवाब दाखिल करने का समय

गुरुवार (7 मार्च 2024) को झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद सरकार से कहा कि वह 13 मार्च 2024 को इस मामले में अपना जवाब कोर्ट में दाखिल करे. बता दें कि 1 मार्च 2024 को दुमका जिले के हंसडीहा के एक गांव में सुनसान जगह पर बुलेट से विश्व भ्रमण पर निकली महिला से नशे में धुत 7 बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था.

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झालसा रांची की पहल पर पीड़िता को मिला 10 लाख का मुआवजा

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद विदेशी महिला जो स्पैनिश भाषा बोल रही थी, ने एक और आरोपी का फोटो जारी करते हुए कहा कि उसके साथ दरिंदगी करने वालों में एक शख्स यह भी था. झालसा रांची की पहल पर जिला प्रशासन ने बलात्कार की पीड़िता को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया.

पीड़िता के पति ने की झारखंड और भारत के लोगों की तारीफ

जिले के उपायुक्त और एसपी ने पैसे महिला के अकाउंट में ट्रांसफर करने के बाद उसके चेक की प्रतिकृति महिला के पति को सौंपी थी. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और इस मामले में झारखंड सरकार के अधिकारियों से मिले सहयोग से यह दंपती बेहद प्रभावित था. महिला के पति ने जिला प्रशासन, झारखंड और भारत के लोगों की काफी तारीफ की. कहा कि कुछ लोग बदमाश हैं, लेकिन भारत और झारखंड बहुत अच्छा देश है. यहां के लोग बहुत अच्छे हैं.

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स्पेन की नहीं, ब्राजीलियन मूल की है महिला

बता दें कि अब तक महिला और उसके पति को स्पेन का बताया जा रहा था, लेकिन वह दोनों ब्राजील के हैं. स्पेनिश भाषा बोलते हैं. ब्राजीलियन मूल का यह दंपती अब आगे की यात्रा पर निकल चुका है. दुमका के रास्ते भागलपुर जाने के क्रम में उसने एक सुनसान इलाके में टेंट लगाया था. यहीं पर आसपास के कुछ मनचलों ने उसके साथ दरिंदगी की थी. हालांकि, बाद में पुलिस की मदद से वह अस्पताल पहुंचीं और मेडिकल में उसके साथ सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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