डेंगू-चिकनगुनिया के महंगे इलाज से मुक्ति, झारखंड के 14 सेंटिनल साइट्स पर अब 'जीरो' खर्च में ट्रीटमेंट

Jharkhand Free Dengue Treatment: झारखंड में अब डेंगू और चिकनगुनिया का इलाज अब और भी आसान होगा. राज्य सरकार ने रिम्स और एमजीएम समेत 14 सेंटिनल साइट्स को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है. इसके साथ ही बोकारो, गढ़वा और गुमला जैसे 6 अन्य जिलों में भी नए टेस्ट लैब बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. पढ़ें हमारी विशेष रिपोर्ट

Jharkhand Free Dengue Treatment, रांची : झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. इसके लिए छह जिलों में निगरानी और जांच केंद्र (सेंटिनल साइट) तैयार कर उसे बेहतर तरीके से संचालित करने की योजना है. यहां इन बीमारियों के लिए मुफ्त परीक्षण और उपचार की सुविधा मिलेगी.

झारखंड में कुल 14 सेंटिनल साइट

डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ्त जांच और उपचार के लिए छह सेंटिनल साइट (रिम्स, सदर अस्पताल रांची, एमजीएम जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद, डीपीएचएल चाईबासा और डीपीएचएल साहिबगंज) शामिल हैं. वहीं आठ नये सेंटिनल साइट (एम्स देवघर, डीपीएचएल दुमका, डीपीएचएल हजारीबाग, डीपीएचएल पलामू, डीपीएचएल पूर्वी सिंहभूम और डीपीएचएल सिमडेगा) चिन्हित किये गये हैं. इस प्रकार राज्य में कुल 14 सेंटिनल साइट कार्यरत होंगे, जहां डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी.

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राज्य के छह और जिलों में तैयार होगा टेस्ट लैब

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य के छह और जिलों में इसी तरह की सुविधाएं विकसित की जानी हैं. इनमें बोकारो, गढ़वा, सरायकेला, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में सेंटिनल साइट तैयार किये जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद यहां प्रभावितों को टेस्ट कराना आसान होगा.

निःशुल्क जांच

डेंगू और चिकनगुनिया के लिए एलाइजा आधारित जांच की व्यवस्था की गयी है.
निःशुल्क उपचार : इन बीमारियों से संबंधित सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और जांच किया जाना है. इसके लिए सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं.

फाइलेरिया के रोगियों में 65% की गिरावट

मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रमों के सफल संचालन से साल 2025 में अब तक फाइलेरिया के मात्र 268 रोगी पाये गये हैं. वर्ष 2024 में जून माह तक यह संख्या 776 थी, जिसमें 65 प्रतिशत की कमी आई है. इसके साथ ही इस वर्ष जून माह तक 5,053 फाइलेरिया रोगियों को विकलांगता प्रमाण पत्र दिया गया है.

बुखार पीड़ितों की मलेरिया जांच 15% बढ़ी


वर्ष 2024 जून की तुलना में इस वर्ष जून तक बुखार पीड़ितों की मलेरिया जांच में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. राहत की बात यह है कि रांची जिला में डेंगू के 169 सैंपल्स की जांच में महज आठ केस पॉजिटिव मिले हैं. ये सभी मरीज माइग्रेटेड हैं, यानी दूसरे राज्यों से पॉजिटिव होकर झारखंड लौटे हैं.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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