झारखंड की शिक्षा व्यवस्था का हाल : रांची के डोरंडा कॉलेज में 24 कमरे में पढ़ते हैं 18000 स्टूडेंट्स

डोरंडा कॉलेज में मात्र 34 स्थायी शिक्षकों के भरोसे यूजी और पीजी स्तर के 51 कोर्स संचालित हो रहे हैं. हालांकि, सहयोग के लिए 120 अनुबंध व अतिथि शिक्षकों को लगाया गया है

दिवाकर, रांची. रांची विश्वविद्यालय के डोरंडा कॉलेज में 18 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं के नाम पर उन्हें कुछ खास नहीं मिलता. कक्षाओं के नाम पर पुरानी बिल्डिंग में 24 कमरे हैं. प्रमुख विषयों में 250 से 400 तक विद्यार्थियों ने नामांकन ले रखा है. यहां कुछ बड़े और कुछ छोटे कमरे हैं. जिन बड़े कमरों में प्रमुख विषयों की कक्षाएं चलती हैं, उनमें 180 से ज्यादा विद्यार्थी बैठ नहीं सकते.

वहीं, मात्र 34 स्थायी शिक्षकों के भरोसे यूजी और पीजी स्तर के 51 कोर्स संचालित हो रहे हैं. हालांकि, सहयोग के लिए 120 अनुबंध व अतिथि शिक्षकों को लगाया गया है, लेकिन ये लगातार पढ़ाते रहेंगे, इसकी गारंटी नहीं है.

वर्ष 1962 में स्थापित डोरंडा कॉलेज में यूजी-पीजी के अलावा इंटरमीडिएट की पढ़ाई भी होती है. साल-दर-साल यहां विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है. यहां यूजी स्तर पर 28 कोर्स और पीजी स्तर पर कुल 23 कोर्स पढ़ाये जाते हैं. इसके अलावा इंटरमीडिएट के करीब 3000 हजार विद्यार्थी भी यहां पढ़ते हैं. कमरों के अभाव में यहां इंटरमीडिएट की कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से चलायी जाती हैं.

वहीं, यूजी कॉमर्स की कक्षाएं भी सुबह 6:00 बजे से ही चलती हैं. जबकि, यूजी के अन्य विषयों और पीजी की कक्षाएं सुबह 10:00 बजे से शुरू होती हैं. कॉलेज प्रबंधन ने यह पूरी कवायद कमरों की संख्या और विद्यार्थियों भीड़ को मैनेज करने के लिए कर रखी है. अगर एक ही वक्त में यूजी-पीजी और इंटरमीडिएट की कक्षाएं चलायी जायें, तो जाहिर है कि कि विद्यार्थियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलेगी.

हिंदी, पॉलिटिकल साइंस, इतिहास, कॉमर्स, इंग्लिश और ज्योग्राफी जैसे प्रमुख विषयों में विद्यार्थियों की संख्या काफी ज्यादा है. जबकि बाकी विषयों में 100 और उससे कम विद्यार्थी हैं. इधर, पुरानी बिल्डिंग के जिन 24 कमरों की बात की जा रही है, उन्हीं में विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं भी शामिल हैं.

नयी बिल्डिंग हैंडओवर होते ही मिलेगी राहत :

कॉलेज कैंपस में ही चार मंजिला बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है. इसे बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. इसमें अत्याधुनिक क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था है. प्राचार्य डॉ बीपी वर्मा ने बताया कि इस नयी बिल्डिंग में कुल 32 रूम है. इसमें 24 क्लासरूम और बाकी लैब और लाइब्रेरी के लिए हैं. इसके शुरू होने से क्लास रूम की कमी लगभग पूरी हो जायेगी. जल्द से जल्द इस बिल्डिंग के हैंडओवर का इंतजार किया जा रहा है.

विषय विद्यार्थी

अर्थशास्त्र 250

अंग्रेजी 250

भूगोल 256

हिंदी 250

इतिहास 250

राजनीतिशास्त्र 261

कॉमर्स 421

मनोविज्ञान 100

गणित 68

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By Prabhat Khabar News Desk

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