झारखंड: अधिवक्ता व उनके बेटे के खाते से साइबर अपराधी ने उड़ाये 9.64 लाख, ये गलती पड़ी भारी

ओएलएक्स की ओर से किताब खरीदने की बात कहते हुए पैसा भेजने के लिए अकाउंट नंबर व मोबाइल नंबर मांगा गया.

रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता बिनय कुमार व उनके बेटे प्रतीक आनंद के खाते से साइबर अपराधी ने नौ लाख 64 हजार रुपये निकाल लिया है. मामले में अधिवक्ता ने रांची स्थित सीआइडी के साइबर थाना में शिकायत की है. उन्होंने कहा है कि वे अरगोड़ा थाना क्षेत्र के बायपास पूर्णिमा हाउस में रहते हैं. 21 जून को उनके पुत्र प्रतीक आनंद के दोस्त सुभांग मिश्रा ने ओएलएक्स ऐप पर अपनी पुराना किताब बेचने के लिए विज्ञापन डाला था.

विज्ञापन देख कर ओएलएक्स की तरफ से सुभांग से चैट किया जाने लगा. इस दौरान ओएलएक्स की ओर से किताब खरीदने की बात कहते हुए पैसा भेजने के लिए अकाउंट नंबर व मोबाइल नंबर मांगा गया. लेकिन सुभांग के पास अकाउंट नंबर नहीं था. इसलिए उसने दोस्त प्रतीक आनंद का मोबाइल नंबर उसे दे दिया. इसके बाद साइबर अपराधी ने मोबाइल नंबर 8602073669 से प्रतीक आनंद को फोन किया.

फिर किताब का पैसा भेजने के लिए अपना क्यूआर कोड प्रतीक के नंबर पर भेजा. इसके बाद इधर-उधर की बातों में साइबर अपराधी ने प्रतीक को उलझा दिया और क्यूआर कोड को स्कैन कराया. इसके बाद प्रतीक के केनरा बैंक के खाते से 18 हजार रुपये व मेरे इंडियन बैंक अकांउट नंबर से 946081 रुपये निकाल लिये गये. अधिवक्ता बिनय कुमार ने कहा कि उन्होंने पुत्र की मेडिकल में पढ़ाई के लिए पैसे रखे थे.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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