Jamshedpur IDTR: झारखंड में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और कुशल चालकों के विकास के उद्देश्य से जमशेदपुर में टियर-1 इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आइडीटीआर) की स्थापना होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने इसकी स्वीकृति दे दी है. जमशेदपुर के मनपिठा मौजा के थाना नंबर 1202 स्थित 1.88 एकड़ भूमि में इसका निर्माण किया जाएगा. इस पर 22.03 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. संस्थान का संचालन केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के सहभागिता मॉडल के तहत किया जाएगा. टाटा मोटर्स वित्तीय सहभागिता के साथ संचालन की जिम्मेदारी भी निभायेगा.
1.82 करोड़ निवेश करेगी टाटा मोटर्स
आईडीटीआर के निर्माण का निर्णय 12 मार्च को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया गया था. आईडीटीआर निर्माण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 17 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है, जो कुल परियोजना लागत का लगभग 77 प्रतिशत है. टाटा मोटर्स सीएसआर और तकनीकी साझेदारी के तहत लगभग 1.82 करोड़ रुपये का निवेश करेगा.
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ट्रेनिंग
प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स संस्थान के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी. इसके अलावा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की नियुक्ति और आधुनिक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगी. झारखंड सरकार इस सुविधा के लिए 3.21 करोड़ रुपये का योगदान देगी. इससे आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक तकनीक से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर आम नागरिक सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति दक्ष बन सकेंगे.
निर्माण का क्या है उद्देश्य
- प्रशिक्षित चालकों की संख्या में वृद्धि से दुर्घटनाओं में कमी आएगी. वहीं, जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
- प्रशिक्षण और परीक्षण की सुव्यवस्थित व्यवस्था में योग्य पाये जाने वाले अभ्यर्थियों को ही ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जा सकेगा.
- संस्थान के संचालन के लिए विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.
- ड्राइविंग के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और परिवहन क्षेत्र से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी.
- बस, ट्रक और दूसरे वाणिज्यिक वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा में सुधार किया जाएगा.
- संस्थान द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाएगा.
- प्रशिक्षित एवं अनुशासित चालकों के माध्यम से राज्य की परिवहन प्रणाली अधिक सुरक्षित, सुगम एवं प्रभावी बनेगी.
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दक्षता और दायित्व पर होगा काम
आईडीटीआर ‘दंड’ के स्थान पर ‘दक्षता’ और ‘डर’ के स्थान पर ‘दायित्व’ की भावना को प्राथमिकता देकर एक ऐसे आदर्श परिवहन तंत्र का निर्माण करेगा, जहां हर नागरिक सड़क पर स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके.
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