झारखंड के इन जिलों को 23 मई तक परेशान करेगी गर्मी, IMD ने जारी किया लू का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

झारखंड में एक ओर वर्षा और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया जा रहा है, तो दूसरी ओर IMD की ओर से लू का भी अलर्ट भी जारी किया जा रहा है. कुल मिलाकर स्थिति यह है कि मई के महीने में लोगों को भीषण गर्मी सतायेगी.

Heat Wave Alert: झारखंड में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके और बढ़ने की आशंका है. मौसम विभाग ने जो ताजा जानकारी दी है, उसमें कहा है कि 21 से 23 मई तक लू चलने की आशंका जतायी गयी है. शुक्रवार को मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में कुछ जगहों पर 21 मई को लू की स्थिति देखी जा सकती है.

पलामू, गढ़वा समेत इन जिलों के लोग रहें सतर्क

प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से यानी पलामू, गढ़वा, लातेहार, कोडरमा, चतरा और लोहरदगा जिले में लू की स्थिति देखी जायेगी. इन जिलों के साथ-साथ झारखंड के उत्तरी भागों में भी हीट वेव और लू से लोगों को जूझना पड़ सकता है. 23 मई को भी इन जिलों में लू का असर देखा जायेगा.

22 मई को सावधान रहें इन जिलों के लोग

राजधानी रांची के हिनू रोड स्थित मौसम केंद्र ने बताया है कि 22 मई को पलामू, गढ़वा और चतरा के अलावा सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में कुछ जगहों पर लू चल सकती है. इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

23 मई को इन जिलों में रहेगा लू का प्रकोप

गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, गिरिडीह, धनबाद, कोडरमा और हजारीबाग जिले में 23 मई को किसी-किसी जगह भीषण गर्मी का प्रकोप देखा जायेगा. इस दौरान लू चलने की भी आशंका है. 24 मई को गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां में लोगों को प्रचंड गर्मी झेलनी पड़ सकती है.

प्रचंड गर्मी से बचने के लिए करें ये उपाय

प्रचंड गर्मी की वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है. इसलिए सभी को सावधान रहने की जरूरत है. खासकर बच्चों एवं बुजुर्गों को गर्मी से बचाना होगा.

  • दिन में 11 बजे से 3 बजे तक लोग घरों से बाहर न निकलें.

  • हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें.

  • अगर गर्मी में बाहर निकल रहे हैं, तो अपना सिर ढंककर रखें. सिर को ढकने के लिए छाता का प्रयोग कर सकते हैं. टोपी भी पहन सकते हैं.

  • डीहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार पानी पीते रहें. गर्मी में जा रहे हैं, तो प्यास न लगे, तो भी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहें.

  • मवेशियों को भी छांव में रखें. उन्हें भी गर्मी से नुकसान हो सकता है.

  • पौधों व फसलों को पानी देते रहें, नहीं तो वे सूख जायेंगे.

  • जिस तरह की गर्मी इस वक्त झारखंड में पड़ रही है, उससे हीट स्ट्रोक, हीट रैश या हीट क्रैम्प्स हो सकता है. इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है. अगर इसके लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

Also Read: Weather Alert: रांची, जमशेदपुर में चिलचिलाती गर्मी, गुमला, खूंटी समेत इन 11 जिलों में वर्षा-वज्रपात का अलर्ट
हीट स्ट्रोक के लक्षण

अगर आपको चक्कर आता है, सिर दर्द होने लगता है. पसीना ज्यादा आने लगे या दौरा पड़े, तो हीट स्ट्रोक का लक्षण हो सकता है. गर्मी लगने की वजह से व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है. ऐसे लोगों का तुरंत इलाज जरूरी है. अगर खुद को बीमार महसूस करते हैं, तो लापरवाही न बरतें. अस्पताल जायें और अपना इलाज करवायें.

Also Read: बदला रांची का मौसम, धूल भरी आंधी के साथ हुई बारिश, वज्रपात का अलर्ट, इन जिलों को भी गर्मी से राहत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >