झारखंड में होली का त्योहार संपन्न, 10 हजार से अधिक पुलिस वालों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था

Holi Celebration in Jharkhand: झारखंड में भारी सुरक्षा के बीच होली का त्योहार शनिवार को संपन्न हो गया. गिरिडीह के अलावा होली के दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. राज्य में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी.

Holi Celebration in Jharkhand| झारखंड में रंगों का त्योहार होली छिटपुट घटनाओं के बीच पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. भारी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी में लोगों ने इस त्योहार को मनाया. शुक्रवार और शनिवार को लोगों ने होली खेली. एक-दूसरे को रंग और अबीर लगाकर होली की बधाई दी. बूढ़े, बच्चे, जवान सब रंग में सराबोर रहे. दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लोगों के त्योहार को खास बनाने में जुटे रहे. कई जिलों में वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जमकर होली खेली. होली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए 10 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गयी थी. 6 जिलों में में विशेष चौकसी बरती गयी. इसलिए गिरिडीह जिले में होली के जुलूस पर पथराव के बाद हुई आगजनी और हिंसा की घटना को जल्दी ही नियंत्रित कर लिया गया.

6 जिलों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम का था निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने राजधानी रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू, लोहरदगा और दुमका में सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के पहले ही निर्देश दे रखे थे. शुक्रवार से ही लाठी बल से लेकर जिला पुलिस और होमगार्ड के जवान तक को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया था. 10 हजार अतिरिक्त जवानों में एक कंपनी आरएपी, 3 कंपनी रैफ और 2 टीयर गैस पार्टी रांची को मिला था. 500 होमगार्ड और 1190 लाठी बल के जवान भी थे.

गिरिडीह में सीआरपीएफ, रैप और टीयर गैस पार्टी थी तैनात

जमशेदपुर में सीआरपीएफ की एक कंपनी, एक टीयर गैस पार्टी के अलावा अतिरिक्त जवान, गिरिडीह में एक कंपनी सीआरपीएफ और एक कंपनी रैप के अलावा एक टीयर गैस पार्टी और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गयी थी. हजारीबाग में भी एक कंपनी सीआरपीएफ और एक कंपनी रैप के जवान के अलावा अतिरिक्त जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया था.

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24 जिलों में 4000 से अधिक होमगार्ड के जवान थे तैनात

पलामू जिले में एक कंपनी सीआरपीएफ के जवानों के साथ-साथ अतिरिक्त जवानों को भी तैनात किया गया था. लोहरदगा और दुमका में एक-एक कंपनी सीआरपीएफ के अलावा अलग से अतिरिक्त जवान सुरक्षा में तैनात किये गये थे. सभी जिलों के एसपी को कुल मिलाकर करीब 400 लाठी बल प्रदान किया गया था. राज्य के 24 जिलों में 4000 से अधिक होमगार्ड के जवान तैनात थे.

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सबसे अधिक पुलिस बल की तैनाती रांची में

रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू, लोहरदगा और दुमका में सुरक्षा को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही थी. इन जिलों में सबसे अधिक फोर्स तैनात किये गये थे, क्योंकि इन जिलों में पर्व-त्योहार के मौके पर तनाव या अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है. इन जिलों में अलग से जिला पुलिस और होमगार्ड के अलावा सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था. सबसे अधिक पुलिस बल की तैनाती रांची जिले में की गयी थी.

गिरिडीह के अलावा कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं

गिरिडीह जिले के अलावा किसी और जिले से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. गिरिडीह जिले के घोड़थम्बा ओपी क्षेत्र में 2 समुदायों के बीच होली जुलूस के दौरान विवाद हो गया. इसी दौरान जुलूस पर पथराव कर दिया गया. कई दुकानों में आग लगा दी गयी. कई वाहन जला दिये गये. हालांकि, पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया. अब उपद्रवियों की तलाश की जा रही है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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