हिंदी भाषा की अस्मिता और विकास पर वक्ताओं ने रखे विचार

रांची वीमेंस कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में साहित्यकार प्रमोद झा ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति की वाहिका है और इसमें अपार संभावनाएं छिपी हैं.

रांची. साहित्यकार प्रमोद झा ने कहा कि हिंदी भाषा में अपार शक्ति है. श्री झा शनिवार को रांची वीमेंस कॉलेज हिंदी विभाग द्वारा बदलते समय में हिंदी की संभावनाएं व चुनौतियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे. श्री झा ने कहा कि क्षेत्रीय ज्ञान को भी हिंदी भाषा के माध्यम से सामने लाना जरूरी है.

हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की वाहिका है. कवयित्री सत्या शर्मा ने कहा कि आज हिंदी भाषा की अस्मिता को ध्यान में रखना जरूरी है. आटर्स ब्लॉक की प्रोफेसर इंचार्ज डॉ किरण कुमारी ने कहा कि बदलते समय में हिंदी की चुनौतियों को समझना आवश्यक है.

विभागाध्यक्ष डॉ प्रज्ञा गुप्ता ने कहा हिंदी भाषा का इतिहास देखें तो यह निरंतर प्रगति व सफलता के पथ पर आगे बढ़ रही है. छात्रा सविता वर्मा ने हिंदी भाषा की तकनीकी व मेडिकल के क्षेत्र पर कैसे विकास हो इस पर चर्चा की.

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By संजीव कुमार

संजीव कुमार सिंह, वर्तमान में प्रभात खबर, रांची में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. वह 14 वर्षों (2005 से 2019) तक प्रभात खबर रांची में मुख्य संवाददाता रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 29 वर्षों का अनुभव है. लंबे पत्रकारिता जीवन में खोजी, विश्लेषणात्मक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित की हैं. प्रभात खबर द्वारा बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड भी दिया गया. इनकी विशेष पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा तंत्र, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नियुक्तियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग के गठन के बाद सिविल सेवा, व्याख्याता, इंजीनियर, जैसी नियुक्तियों में गड़बड़ी को उजागर किया.

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