रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने पलामू के सहायक शिक्षक नंदू राम की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी जतायी. कोर्ट ने पूछा कि एकल पीठ के आदेश का अब तक पूर्ण अनुपालन क्यों नहीं किया गया, जबकि एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की अपील भी खारिज हो चुकी है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान पलामू के उपायुक्त को सशरीर हाजिर रहने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी.
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पार्थी की पुनर्बहाली का हुआ था आदेश
सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के आलोक में पलामू के जिला शिक्षा अधीक्षक सशरीर उपस्थित हुए तथा जवाब दाखिल किया. कोर्ट ने जवाब पर असंतोष जताया. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी राय ने पक्ष रखा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रार्थी को पुनर्बहाल किया गया, लेकिन उनके पुनर्बहाली के पहले के वेतन सहित सारे लाभ का भुगतान नहीं किया गया. पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि एकल पीठ के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रार्थी को पुनर्बहाली के पहले के सारे लाभ दिया जाये.
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सहायक शिक्षक ने दायक की अवमानना याचिका
प्रार्थी सहायक शिक्षक नंदू राम ने अवमानना याचिका दायर की है. उन्होंने एकल पीठ के आदेश का पूर्ण अनुपालन करने की मांग की है. उनकी नियुक्ति 31 दिसंबर 1999 को सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी. वे पलामू जिले के सरकारी मध्य विद्यालय, विश्रामपुर में पदस्थापित थे. सेवा के लगभग पांच साल के बाद वे गंभीर अवसाद से पीड़ित हो गये. इलाज के लिए अवकाश पर चले गये थे. नंदू राम वर्ष 2004 से लगातार अवकाश पर थे. लंबे इलाज के बाद जब उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित किया गया, तब वे 19 जनवरी 2012 को स्कूल में योगदान देने पहुंचे, लेकिन उन्हें योगदान करने नहीं दिया गया. उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.
