हाइकोर्ट ने एसीबी कोर्ट से शिकायतवाद का संपूर्ण रिकॉर्ड मांगा

झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी में वन विभाग द्वारा पौधरोपण और पार्कों के निर्माण में गड़बड़ी से संबंधित वित्तीय अनियमितता को लेकर एसीबी कोर्ट के आदेश को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की.

रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी में वन विभाग द्वारा पौधरोपण और पार्कों के निर्माण में गड़बड़ी से संबंधित वित्तीय अनियमितता को लेकर एसीबी कोर्ट के आदेश को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी का पक्ष सुना. पक्ष सुनने के बाद अदालत ने संबंधित अदालत (एसीबी के विशेष न्यायाधीश की अदालत) से शिकायतवाद संख्या-03/2024 का संपूर्ण अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही इस मामले को पांच शीर्ष मामलों में सूचीबद्ध करने को कहा. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की. इससे पहले प्रार्थी आनंद कुमार ने स्वयं पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि राजधानी में सड़क किनारे पौधरोपण, बिरसा मुंडा स्मृति पार्क (जेल पार्क) सहित अन्य पार्कों के निर्माण में लगभग करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी हुई है. इसको लेकर उन्होंने जनहित याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि समक्ष फोरम में जायें. इसके बाद एसीबी कोर्ट में शिकायतवाद दायर किया गया, लेकिन एसीबी कोर्ट ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया, जिसे उन्होंने गलत बताया. आनंद कुमार ने एसीबी कोर्ट के आदेश को निरस्त करने तथा गड़बड़ी की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया. वहीं सरकार की ओर से एपीपी विनीत कुमार वशिष्ट ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सेवानिवृत्त रेंजर आनंद कुमार ने क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर कर एसीबी अदालत के आदेश को चुनौती दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Praveen

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >