पीएम मोदी के समान नागरिक संहिता वाले बयान पर सीएम हेमंत सोरेन का पलटवार, कहा- उनसे पूछो रोजगार कहां से देंगे

समान नागरिक संहिता पर राजनीतिक दलों में वार-पलटवार शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री ने इस कानून को जरूरी बताया, तो झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने पलटवार किया. पत्रकारों ने जब इस पर उनसे प्रतिक्रिया मांगी तो झामुमो नेता ने काह- पहले उनसे पूछो कि वे रोजगार कहां से देंगे. महंगाई कम कैसे करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) वाले बयान पर बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पलटवार किया. पत्रकारों से मुखताबित हुए श्री सोरेन ने कहा कि पहले उनसे पूछो कि वे रोजगार कहां से देंगे. महंगाई को कम कैसे करेंगे. इन विषयों पर उन्हें पहले बोलना चाहिए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राजधानी रांची में नर्सिंग, आइटीआइ कौशल कॉलेज और कल्याण गुरुकुल के 500 छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र दिया.इस अवसर पर उन्होंने आइटीआइ कौशल कॉलेज की छात्राओं द्वारा संचालित ‘सेवा कैफे’ का उद्घाटन भी किया.

पीएम ने का था – पसमांदा मुसलमानों का हुआ शोषण

कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी के समान नागरिक संहिता पर दिये गये बयान पर झारखंड के सीएम से प्रतिक्रिया मांगी गयी, तो उन्होंने ये बातें कहीं. बता दें कि प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले यानी मंगलवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कहा था कि एक घर में दो कानून नहीं चल सकते. देश में समान नागरिक संहिता जरूरी है. उन्होंने मुसलमानों से भी अपील की थी कि भड़काने वालों को पहचानें. पीएम ने कहा था कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया.

तीन तलाक इस्लाम में जरूरी नहीं : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि तीन तलाक से सिर्फ मुस्लिम बेटियों का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का नुकसान हो रहा था. पीएम मोदी ने वोट बैंक की लालच में तीन तलाक का समर्थन करने वालों पर करारा प्रहार किया. कहा कि ये लोग मुस्लिम बेटियों के साथ अन्याय कर रहे हैं. तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग नहीं है. अगर यह जरूरी है, तो पाकिस्तान, कतर, इंडोनेशिया और जॉर्डन में चलन में क्यों नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि मुसलमान बेटियों पर तीन तलाक का फंदा डालकर उन पर अत्याचार की खुली छूट चाहने वाले लोग ही इसका समर्थन कर रहे हैं.

दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पायेगा?

भोपाल में भाजपा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समान नागरिक संहिता जरूरी है. एक घर में दो कानून नहीं चल सकता. एक परिवार में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा कानून हो, तो क्या वह परिवार चल पायेगा. पीएम ने कहा कि अगर एक परिवार में दो कानून से परिवार नहीं चल सकता, तो यह देश कैसे चलेगा. उन्होंने याद दिलाया कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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