Hemant Soren, रांची : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षा विवाद, छात्र आंदोलन और सदन के समय से पहले स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, जबकि विपक्ष केवल सच से भाग रहा है और राजनीतिक तमाशा खड़ा कर रहा है. उन्होंने नोट लहराने की घटना को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने सदन को चलाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन आपने देखा कि सदन में कैसे करेंसी नोट उछाले और दिखाए गए. ये वही नोट हैं जो उनकी (भाजपा) मौजूदगी और राजनीति का आधार हैं. आप सभी जानते हैं कि जब से भाजपा सत्ता में रही है, गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की जेबों से पैसा कैसे निकाला गया. आज आपने देख लिया कि वह पैसा कहां जा रहा है."
विपक्ष सच का सामना नहीं कर पा रहा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के पास विपक्ष के हर सवाल का ठोस जवाब है, लेकिन भाजपा की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं इतनी बड़ी हैं कि उनके लिए सच का सामना करना बेहद मुश्किल हो गया है. इसी बौखलाहट और डर का नतीजा है कि सदन को समय से पहले स्थगित करना पड़ा.
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रोजगार को लेकर भी बीजेपी पर साधा निशाना
रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा ली जा रही तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में 75% से लेकर 100% तक चयनित अभ्यर्थी इसी राज्य के मूल निवासी और आदिवासी हैं. यह बात किसी से छिपी नहीं है कि भाजपा के शासनकाल में दूसरे राज्यों के लोगों ने बड़े पैमाने पर झारखंड में नौकरियां हासिल की थीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देशभर में लाखों युवा रोजगार खो रहे हैं और छोटे-बड़े उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं. ऐसे में केंद्र बेरोजगारी पर जवाब देने के बजाय झारखंड के युवाओं को भड़काने की राजनीति कर रहा है.
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