उषा मार्टिन फाउंडेशन की पहल मूल्य आधारित शिक्षा से बदली सरकारी विद्यालय की तस्वीर

उषा मार्टिन फाउंडेशन की इस्कॉन के साथ साझेदारी ने तातीसिलवे सरकारी स्कूल में मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया है. इस पहल के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो समग्र शिक्षा के महत्व को दर्शाता है.

रांची. उषा मार्टिन फाउंडेशन के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत इस्कॉन द्वारा संचालित इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) प्रोजेक्ट ने तातीसिलवे स्थित सरकारी उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। दिसंबर 2025 से प्रारंभ इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों, जीवन कौशल और मानसिक स्वास्थ्य से भी जोड़ना है।

बोर्ड रिजल्ट में दिखा पहल का असर

इस पहल का सबसे सकारात्मक प्रभाव बोर्ड परीक्षा परिणामों में देखने को मिला। वर्ष 2024-25 में जहां 107 विद्यार्थियों में से 44 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी, वहीं 2025-26 में 118 परीक्षार्थियों में 84 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। द्वितीय श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 50 से घटकर 26 रह गई, जबकि तृतीय श्रेणी पूरी तरह समाप्त हो गई। विद्यालय के टॉपर का अंक भी 87.8 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत पहुंच गया।

16 सत्रों में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिया मार्गदर्शन

11 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय में 16 ऑफलाइन सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में कर्म का सिद्धांत, स्पोकन इंग्लिश एवं ग्रामर, आयुर्वेदिक जीवनशैली, परीक्षा की तैयारी, परीक्षा तनाव प्रबंधन तथा 'विज्ञान बनाम ईश्वर या ईश्वर का विज्ञान' जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने संवादात्मक तरीके से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। सत्रों का संचालन एमबीए प्रोफेशनल राजीव रंजन, आईटी उद्यमी स्वास्तिक साहा, बीटेक उद्यमी प्रकाश कुमार महतो तथा एमबीए छात्र हर्ष कुमार सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने किया।

कार्यक्रम के शुरुआती आठ सत्रों में औसतन 160 से अधिक तथा बाद के आठ सत्रों में 70 से अधिक विद्यार्थियों की नियमित भागीदारी रही। प्रत्येक सत्र के बाद विद्यार्थियों को लगभग 1,800 पौष्टिक पौध-आधारित (प्लांट-बेस्ड) नाश्ते भी उपलब्ध कराए गए।

औपचारिक के साथ मूल्य शिक्षा का प्रभाव: डॉ मयंक मुरारी

उषा मार्टिन फाउंडेशन के सचिव डॉ मयंक मुरारी का मानना है कि यह परिणाम दर्शाता है कि जब औपचारिक शिक्षा के साथ मूल्य शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय किया जाता है, तब विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और शैक्षणिक उपलब्धियां उल्लेखनीय रूप से बढ़ती हैं। तातीसिलवे सरकारी विद्यालय का यह मॉडल गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।


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By अपूर्व कुमार शुक्ला

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