निर्दोष को टार्चर करने के मामले में 1.50 लाख मुआवजा देने का निर्देश

नक्सली के नाम पर गारू थाना की पुलिस ने किया था टॉर्चर

वरीय संवाददाता, रांची. लातेहार जिला में गारू थाना की पुलिस द्वारा नक्सली के नाम पर निर्दोष को पकड़कर टार्चर करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 1.50 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है. पुलिस ने एक युवक को 22 फरवरी 2022 को पकड़ा था. युवक को पकड़ने के बाद उसे थाना में लाकर दो दिनों तक काफी प्रताड़ित किया गया. इस मामले में हाइकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गयी थी. इसके बाद कोर्ट ने पीड़ित को पांच लाख रुपये मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया था. इस मामले में पुलिस की प्रताड़ना के खिलाफ एनएचआरसी के पास भी शिकायत की गयी थी. जिसमें पुलिस अधिकारियों पर निर्दोष युवक को टार्चर करने का आरोप था. इसके आधार पर एनएचआरसी ने मामले में संज्ञान लिया था. उल्लेखनीय है कि घटना को लेकर थाना में पीड़ित युवक द्वारा शिकायत करने पर आरोपी पुलिस अफसरों के खिलाफ केस भी दर्ज नहीं किया गया था. लेकिन जब न्यायालय ने मामले में संज्ञान लिया, तब जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया. वर्तमान में इस केस का अनुसंधान सीआइडी कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >