रांची : भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने गुरुवार को रांची स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ जेएससीए के अधिकारी भी मौजूद थे. उन्होंने स्टेडियम के अंदर मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया. अधिकारियों ने उन्हें स्टेडियम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह सोलर पैनल से चलने वाला पहला स्टेडियम है.
सौर ऊर्जा से चलने वाला पहला स्टेडियम
जेएससीए स्टेडियम का दौरा करने के बाद जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने ट्विट किया कि पहली बार रांची आना हुआ है. और यहां जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का दौरा करना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होता है. सोलर पैनल वाला यह दुनिया का पहला स्टेडियम है. 1200 सोलर पैनल लगाये गये हैं. यह लगभग 12,000 टन CO2 उत्सर्जन को बचायेगा.
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2013 में हुआ था पहला इंटरनेशनल मैच
बता दें कि जेएससीए स्टेडियम की क्षमता 40000 दर्शकों की है. 2017 से इसे पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित किया गया. 2010 में बने इस स्टेडियम में पहला वनडे मुकाबला 19 जनवरी 2013 को खेला गया था. यह मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया. भारत ने 7 विकेट से यह मुकाबला जीत लिया था. इस स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2017 में खेला गया था. यह मैच ड्रा रहा था. पहला टी-20 मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच 2016 में खेला गया था. इस मैच को भारत ने 69 रन से जीता था.
जगन्नाथ मंदिर में भी किये दर्शन
इससे पहले सुबह जर्मन राजदूत लिंडनर ने धुर्वा में स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में भी भगवान जगन्नाथ के दर्शन किये. इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया कि झारखंड की राजधानी रांची में दिन की शुरुआत करने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता कि भगवान जगन्नाथ को समर्पित सुंदर जगन्नाथ मंदिर (1691 राजा अनी नाथ ठाकुर द्वारा निर्मित) की यात्रा की जाए. छोटी पहाड़ी पर निर्मित, यह पुरी, ओडिशा में मूल जगन्नाथ मंदिर की प्रतिकृति है.
