एनटीपीसी टंडवा के फ्लाई ऐश से प्रदूषित हो रही गरही नदी

फ्लाई ऐश टंडवा से बह कर पहुंचा पिपरवार

पिपरवार. टंडवा में एनटीपीसी का थर्मल पावर प्लांट लगने से जहां देश का विकास हो रहा है, वहीं, स्थानीय लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है. प्लांट से निकलने वाला फ्लाई ऐश से पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है. पहले तो सड़क पर गिरा फ्लाई ऐश वातावरण को प्रदूषित कर रहा था, लेकिन अब नदी भी प्रदूषित होने लगी है. एनटीपीसी प्रबंधन फ्लाई ऐश को गरही नदी में बहा रहा है. यह फ्लाई ऐश पिपरवार तक पहुंच चुका है. जानकारी के अनुसार फ्लाई ऐश को नदी के पानी में फोर्स से बहाया जा रहा है. जिससे टंडवा से पिपरवार तक गरही नदी में छाई की एक मोटी परत बैठ गयी है. इससे जलीय जीव-जंतुओं के समक्ष अस्तित्व का संकट उत्पन्न हो गया है. पहले लोग गरही नदी में मछली पकड़ते थे और नहाते भी थे. अब नदी का पानी प्रदूषित हो जाने से ग्रामीण नदी में नहाना छोड़ दिये हैं. नदी की मछलियां विलुप्त हो गयी हैं. एनटीपीसी प्रबंधन की यह हरकत 10-15 वर्ष पूर्व पतरातू थर्मल पावर की नलकारी नदी में बहने वाली फ्लाई ऐश की याद को ताजा कर देती है. तब पतरातू से लेकर बंगाल तक दामोदर नद प्रदूषित हो गया था. दामोदर बचाओ अभियान के माध्यम से तब सरयू राय ने दामोदर को प्रदूषण से मुक्त कराया था. जानकारी के अनुसार फ्लाई ऐश अभी तक गरही नदी तक ही सीमित है. क्योंकि दामोदर में गरही से अधिक पानी का प्रवाह हो रहा है. यदि यही स्थिति रही तो फ्लाई ऐश दामोदर में भी पहुंच जायेगा. पर्यावरण विभाग के अधिकारी कान में तेल डाल कर सोये हैं. जनता की ओर से भी अब तक एनटीपीसी के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं शुरू किया गया है और न ही किसी सामाजिक संगठन ने आवाज बुलंद की है.

फ्लाई ऐश टंडवा से बह कर पहुंचा पिपरवार

ग्रामीणों ने प्रदूषित पानी में नहाना छोड़ा

जलीय जीवों के अस्तित्व पर गहराया संकट

एनटीपीसी प्रबंधन फ्लाई ऐश को गरही नदी में बहा रहा है

टंडवा से पिपरवार तक गरही नदी में छाई की एक मोटी परत बैठी

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Published by: Jitendra rana

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