Ranchi news : सरकार व विवि पर पांच-पांच हजार जुर्माना

हाइकोर्ट में डेमोंस्ट्रेटर की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 65 वर्ष से कम करने के मामले में सुनवाई

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने डेमोंस्ट्रेटर की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष से कम करने के खिलाफ दायर याचिकाअों पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ की मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों की ओर से समय देने का आग्रह किया गया. इस पर खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए सरकार व विश्वविद्यालय पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माने के साथ प्रतिवादियों को समय प्रदान किया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 22 अप्रैल की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता श्रेष्ठ गौतम ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2011 में एक संकल्प लाते हुए विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी डेमोंस्ट्रेटर को गैर शैक्षणिक की श्रेणी में डाल दिया, जबकि पूर्व में डेमोंस्ट्रेटर शिक्षक की श्रेणी में आते थे. ऐसा करने से उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष के बजाय 60 वर्ष हो गयी. प्रार्थी उक्त संकल्प के लागू होने के पहले से डेमोंस्ट्रेटर पद पर कार्यरत हैं. संकल्प प्रार्थियों पर लागू नहीं होता है. पूर्व में हाइकोर्ट ने प्रार्थियों के मामले में सुनवाई करते हुए संकल्प इन पर लागू नहीं होने का आदेश दिया था, लेकिन राज्य सरकार डेमोंस्ट्रेटर को 60 वर्ष में ही सेवानिवृत्त कर रही है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी ब्रजेश कुमार वर्मा, भुवनेश्वर प्रसाद गुप्ता व अन्य की अोर से अलग-अलग याचिका दायर की गयी है.

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By SUNIL PRASAD

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