रांची. मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, शालिमार (धुर्वा) में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत रांची और रामगढ़ जिले की मत्स्यजीवी सहयोग समितियों को तीन आधुनिक एफआरपी फिशिंग बोट दिये गये.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के सौजन्य से उपलब्ध करायी गयी इन नौकाओं में आउटबोर्ड मोटर और आवश्यक सहायक उपकरण भी शामिल हैं. मत्स्य निदेशालय के अनुसार, नौकाओं का संचालन कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) व्यवस्था के माध्यम से किया जायेगा.
इससे जलाशयों में मत्स्य आखेट, मछली परिवहन, प्रशिक्षण तथा मछुआरा समुदाय की आजीविका से जुड़ीं गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. रांची जिले में दो नौकाएं गेतलसूद जलाशय की महेशपुर मत्स्यजीवी सहयोग समिति, अनगड़ा और नौरंगा जलाशय की जल जीवन मत्स्यजीवी सहयोग समिति, चान्हो को दी गयीं. वहीं, रामगढ़ की कुजू मत्स्यजीवी सहयोग समिति (आरा कोलपीट) को एक एफआरपी बोट मिला. मौके पर डॉ श्रवण शर्मा, डॉ सुरेश ए, मुख्य अनुदेशक जयंत रंजन आदि मौजूद थे.
