Ranchi News : कपड़ा के तीन गोदामों में आग लगी, दो करोड़ से अधिक का नुकसान
आठ घंटे बाद आग पर पाया गया काबू
रांची. अपर बाजार के महावीर चौक स्थित शर्मा टावर में कपड़े की तीन दुकान पायल होजियरी एंड टेक्सटाइल, पायल गारमेंट तथा रांची होम फर्निशिंग (तीनों हॉलसेल दुकान) के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गयी. घटना गुरुवार सुबह छह बजे की है. आग लगने की जानकारी लोगों को लगभग 6:10 बजे हुई. इसके बाद तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गयी. फायर ब्रिगेड वाहन जब वहां पहुंची, तो उसमें पानी कम था तथा सीढ़ी भी दूसरे तल्ले तक नहीं पहुंच रही थी. इसके बाद विधायक सीपी सिंह व पूर्व पार्षद के प्रयास से नगर निगम का टैंकर व एलइडी लाइट ठीक करने वाली हाइड्रोलिक मशीन बुलाया गया. उसमें बैठकर निगम कर्मी निगम के टैंकर पाइप से आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे. फायर ब्रिगेड के कर्मी भी हाइड्रोलिक मशीन की ट्रॉली में खड़ा होकर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे. सात बजे से आग बुझाने की मशक्कत शुरू हुई और दिन के तीन बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया. आग पर काबू पाने में आठ घंटे लगे. इस घटना में पायल होजियरी एंड टेक्सटाइल्स के संचालक हरजीत सिंह बेदी को 55 लाख, पायल गारमेंट्स के समीर बेदी का 75 लाख तथा रांची होम फर्निशिंग की संचालिका शोभा देवी काे 54 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. बताया गया कि यदि नगर निगम से टैंकर नहीं आता, तो आग पर काबू पाना मुश्किल था. महावीर चौक के आसपास मच गयी अफरा-तफरी : आग लगने की सूचना मिलते ही महावीर चौक के आसपास अफरा-तफरी मच गयी. चूंकि आग शर्मा टावर मार्केट के पहले व वह दूसरे तल्ले पर लगी थी. आग की लपटें सीढ़ी पर थी, इसलिए स्थानीय लोग चाह कर भी ऊपर जा नहीं पा रहे थे. लोगों ने तुरंत बिजली विभाग, पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी. लोगों का कहना था कि महावीर चौक से दो किलाेमीटर की दूरी पर फायर स्टेशन आड्रे हाउस है. वहां से भी वाहन को सुबह के समय में आने में आधा घंटा लग गया. फायर ब्रिगेड का दो वाहन पहले आया, लेकिन उनमें 25 प्रतिशत ही पानी था. जिस कारण आग पर काबू पाने में मशक्कत करनी पड़ी. निगम की हाइड्रोलिक मशीन की मदद से आग पर काबू पाया गया : फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक मशीन घटनास्थल पर नहीं पहुंची. वहीं फायर ब्रिगेड में जो सीढ़ी थी, वह भी ठीक से एक तल्ला कवर नहीं कर पा रही थी. बाद विधायक सीपी सिंंह व पूर्व पार्षद सुनील सिंह मामा ने निगम के टैंकर व एलइडी लाइट ठीक करने वाली हाड्रोलिक मशीन को बुलाया. उसकी ट्रॉली पर चढ़ कर निगम के टैंकर के पानी से आग बुझाने का प्रयास किया जाने लगा. अंतत: आठ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका. दो दुकानों का है इंश्योरेंस, एक का नहीं : आसपास के लोगों ने बताया कि पायल होजियरी एंड टेक्सटाइल्स का 25 लाख रुपये का कपड़ा बाहर के जिला में भेजा जाना था. कल ही उसका आर्डर आया था. उसके लिए 25 लाख रुपये का कपड़ा पैक कर रखा हुआ था. उसे गुरुवार को भेजा जाना था. आगलगी में वह कपड़ा भी जल कर स्वाहा हो गया. इधर, कोतवाली थाना के पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि पायल होजियरी एंड टेक्सटाइल, पायल गारमेंट का इंश्योरेंस है, जबकि रांची होम फर्निशिंग का इंश्योरेंस नहीं है. पायल होजियरी एंड टेक्सटाइल के संचालक ने पुलिस को बताया कि उनका एक करोड़ से अधिक का माल स्वाहा हाे गया है. इंश्योरेंस कम ही था, इसलिए उतने का ही आवेदन दिया गया है. तंग गलियों में आग लगी, तो फायर ब्रिगेड वाहन को पहुंचने में होगी मुश्किल : अपर बाजार इलाके की कई गलियां काफी संकीर्ण हैं. सभी गलियों में आवासीय मकान के साथ- साथ बड़े और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं. इन गलियों में हमेशा जाम की स्थिति रहती है. कई बार इन इलाकों में बाइक लेकर चलने में मुश्किल होती है. ऐसे में अगर इन इलाके में शॉट सर्किट या किसी अन्य दूसरे कारण से आग लग जाये, तो इन तंग गलियों में फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच सकती है. वर्तमान में फायर ब्रिगेड के पास संकीर्ण गलियों में जाकर आग बुझाने के लिए छोटी गाड़ियां भी हैं. लेकिन इसकी क्षमता अधिक नहीं होने से बड़ी आगजनी की घटना होने पर आग पर काबू पाना आसान नहीं होगा. अपर बाजार की संकीर्ण गलियों में सबसे प्रमुख रंगरेज गली है. इसके अलावा अपर बाजार इलाके में स्थित सोनार पट्टी, बूचड़ गली, गांधी चौक एरिया स्थित गली, प्यादा टोली, अग्रसेन पथ, भुइया टोली, बाजार टांड़ और श्रद्धानंद रोड स्थित विभिन्न गलियाें में फायर ब्रिगेड के बड़े वाहन नहीं पहुंच सकते हैं.
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