Ranchi News चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्रों का प्लेसमेंट

चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्रों को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एनक्यूटी फेज टू के माध्यम से नौकरी का प्रस्ताव मिला है.

रांची. चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज के आठ छात्रों को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एनक्यूटी फेज टू के माध्यम से नौकरी का प्रस्ताव मिला है. छह छात्र कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 2025 पासआउट बैच से हैं और दो छात्र इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ब्रांच से हैं. सीटीसी 3.45 लाख प्रति वर्ष प्राप्त हुआ है. प्लेसमेंट सेल के प्रो. प्रभारी डी राहा ने बताया कि चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज का टीसीएस वाइइपी के साथ जुड़ाव है, जो टीसीएस की एक सीएसआर इकाई है.

संत मिखाइल ब्लाइंड स्कूल के छात्रों से मिले रिटायर्ड आइपीएस

रांची. संत मिखाइल ब्लाइंड स्कूल बहुबाजार में बुधवार को रिटायर्ड आइपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने छात्रों से मुलाकात की. छात्रों को राशन व पढ़ने के लिए जरूरी सामग्री दी गयी. एसोसिएशन के सचिव आरसी राम ने कहा हमारा उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को समर्थन देना और नेत्रहीन बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना है. पीआर के नायडू ने कहा कि यह छोटी-सी पहल नेत्रहीन बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है. आरके मलिक ने सरकारी स्तर से सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया. मौके पर रिटायर्ड आइपीएस शीतल उरांव, केबी सिंह, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, राजीव रंजन सिंह, हेमंत टोप्पो, निरंजन प्रसाद, प्राचार्या सरिता तलान मौजूद थे.

भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना पर व्याख्यान

रांची. रांची विवि अंतर्गत यूजीसी मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर में सात दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स के तहत बुधवार को दो व्याख्यान हुए. मुख्य उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक संदर्भ में पुन: परिभाषित करना रहा. डीएसपीएमयू के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ अभय कृष्ण सिंह ने आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर हजार्ड और डिजास्टर के अंतर को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि जब कोई प्राकृतिक खतरा किसी असुरक्षित या कमजोर समुदाय को प्रभावित करता है, तभी वह आपदा कहलाता है. अर्थशास्त्र और महाभारत जैसे ग्रंथों में आपदा के समय कर माफी, अन्न वितरण और जनहितकारी योजनाओं का उल्लेख मिलता है. रांची विवि वोकेशनल काउंसिल की उपनिदेशक व भारतीय ज्ञान परंपरा की मास्टर ट्रेनर डॉ स्मृति सिंह ने तन्त्रयुक्ति अनुसंधान की भारतीय पद्धति पर व्याख्यान दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >