कोविड अस्पताल के लिए आठ जगह चिह्नित किये गये

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर मंगलवार को उपायुक्त राय महिमापत रे व एसएसपी अनीश गुप्ता ने मीडिया से बात की. उपायुक्त ने कहा कि कोरोना के केसों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई भ्रामक खबरें भी चल रही हैं, जिसे दूर करना जरूरी है

रांची : कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर मंगलवार को उपायुक्त राय महिमापत रे व एसएसपी अनीश गुप्ता ने मीडिया से बात की. उपायुक्त ने कहा कि कोरोना के केसों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई भ्रामक खबरें भी चल रही हैं, जिसे दूर करना जरूरी है. कहा कि लोग यह पूछ रहे हैं कि रिम्स में मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद कोरोना के मरीजों को कहां रखा जायेगा. उपायुक्त ने कहा कि गांधीनगर सीसीएल कोविड-19 अस्पताल की शुरुआत कर दी गयी है. इसके अलावा कोविड अस्पताल के लिए रांची में ही अन्य आठ जगहों को चिह्नित कर लिया गया है. जैसे-जैसे मरीज बढ़ेंगे, हम उन्हें नयी जगहों पर शिफ्ट करते रहेंगे. 2653 लोगों का कांटेक्ट ट्रेस किया गया:

श्री रे ने कहा कि रांची में 2653 कांटेक्ट ट्रेस किये जा चुके हैं. जो अन्य जगहों से अधिक है. इसके साथ ही 15 कंटेनमेंट जोन बनाये गये हैं. इसमें हिंदपीढ़ी लार्ज कंटेनमेंट जोन है जबकि 14 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाये गये हैं. वहीं, 6980 से ज्यादा लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है. एक मजदूर को क्वारेंटाइन से बिना जांच के निकाले जाने पर उपायुक्त ने कहा कि मजदूर कभी क्वारेंटाइन में था ही नहीं. वह शेल्टर होम में था. रांची में करीब 15 शेल्टर होम चलाये जा रहे हैं. स्वास्थ्य कर्मियों को होटल में क्वारेंटाइन करने की खबर जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं किये जाने की बात कही गयी थी, इस पर कहा कि सभी को अलग-अलग कमरे उपलब्ध कराये गये थे.

उपायुक्त ने कहा कि हिंदपीढ़ी के सभी मामलों को एक विशेष समुदाय से जोड़ना सही नहीं है. यहां अन्य समुदाय के लोग भी रहते हैं. कोरोना संक्रमण की पांच वेराइटी: उपायुक्त ने कहा कि जिले में अभी तक जितने भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये हैं, वो पांच वेराइटी के हैं. पहला जो हिंदपीढ़ी से सीधे जुड़ा है, चाहे एएसआई का मामला हो या एंबुलेंस ड्राइवर का, वह हिंदपीढ़ी की वजह से ही संक्रमित हुए हैं. दूसरा बेड़ो में जमात से जुड़ा मामला है, जहां लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था. जिले में तीन ऐसे मामले हैं जो अलग तरीके के हैं. इसमें एक बुंडू और एक कांटाटोली के लैब टेक्नीशियन का मामला है. जो अपने पिताजी का अंतिम कार्य कर वापस लौटा था.

जबकि एक मामला रिम्स के मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति से जुड़ा हुआ है. लॉकडाउन तोड़नेवाले जेल जायेंगे: एसएसपी ने कहा कि लॉकडाउन उल्लंघन करने पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. अगर लोगों को यह लग रहा है कि इससे कुछ नहीं होगा. वे बेल करा लेंगे, तो उन्हें पता होना चाहिए कि भविष्य में आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत पांच साल तक की सजा हो सकती है.

डायरेक्ट व इंडायरेक्ट कॉन्टैक्ट की ट्रेसिंग की जा रही हिंदपीढ़ी में : एसडीओ लोकेश मिश्रा ने कहा कि हिंदपीढ़ी के लोगों की डायरेक्ट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. साथ ही साथ इनडाइरेक्ट कॉन्टैक्ट में आए लोगों की भी ट्रेसिंग की जा रही है.उन्होंने कहा कि हिंदपीढ़ी का केस केवल एक समुदाय से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि यह बड़ा कॉटेंनमेंट जोन है. एसडीओ ने कहा कि शहर में जो भी माइक्रो काॅटेंन्मेंट जोन बनाये गये हैं. उस जोन की भी सभी दुकानें बंद रहेंगी. लोगों का आना जाना बंद रहेगा.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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