अधिवक्ता राजीव कुमार और इनकी पत्नी के नाम पर अर्जित संपत्ति के बारे में ED कर सकती है पूछताछ

कोलकाता से रिमांड पर रांची आये अधिवक्ता राजीव कुमार से ED उनके और परिवार के लोगाें के नाम पर अर्जित संपत्ति के बारे में भी पूछताछ कर सकती है. वहीं, शर्मिला सिंह ने साजिश के तहत फंसाने की बात कही है.

Jharkhand News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए झारखंड हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को कोलकाता से रिमांड पर रांची लाया है. रविवार को स्वास्थ्य जांच के बाद इनसे पूछताछ शुरू हो गयी है. पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी अधिवक्ता से उनके और परिवार के लोगाें के नाम पर अर्जित संपत्ति के बारे में भी पूछताछ कर सकती है. संपत्ति का जो ब्योरा अब तक सामने अाया हैं उसमें राजीव कुमार की पत्नी शर्मिला सिंह के नाम रांची के बुढ़मू प्रखंड अंतर्गत अडरा मौजा में कई जमीनें ली गयी हैं. इसके अलावा रांची के अरगोड़ा थाना के कडरू में भी जमीन है. वहींं राजीव कुमार के नाम पर बरियातू के मौजा भीठा में जमीन है. वहीं, राजीव कुमार, पंकज कुमार यादव और यश प्रकाश शरण के नाम पर संयुक्त रूप से दिल्ली में के-46, कैलाश कालोनी में बेसमेंट में 311 स्कवायर यार्ड रकवा लिया गया है. राजीव कुमार का अरगोड़ा थाना क्षेत्र के गौरी शंकर नगर में घर है.

50 लाख रुपये के साथ कोलकाता में हुई थी गिरफ्तारी

जनहित याचिका से नाम हटाने को लेकर कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल की शिकायत पर राजीव कुमार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि उन्होंने इसके एवज में 50 लाख रुपये लिये थे. जिसे बरामद किया गया है. शिकायत के मुताबिक 10 करोड़ रुपये से शुरू हुआ सौदा एक करोड़ पर तय हुआ था. इसी रकम में से 50 लाख रुपये लेने का आराेप राजीव कुमार पर लगा था. कोलकाता पुलिस ने राजीव कुमार व इनके परिजन के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसमें संपत्ति सहित सहित कई अन्य दस्तावेज कोलकाता पुलिस अपने साथ ले गयी थी.

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एडवोकेट राजीव कुमार को साजिश के तहत फंसाया गया : शर्मिला सिंह

हाइकोर्ट के अधिववक्ता राजीव कुमार की पत्नी शर्मिला सिंह ने रविवार को बयान जारी किया है. कहा है कि उनके पति भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू से लड़ाई लड़ रहे हैं. इसी का परिणाम है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है. बेवजह उन्हें नये-नये मामलों में फंसाया जा रहा है. बंगाल पुलिस ने जो डायरी का जिक्र किया है वह बहुत पुरानी है. उसमें मजूदर के ठेकेदार के द्वारा लिखा गया है. उसमें पति राजीव कुमार द्वारा कुछ नहीं लिखा गया है. जो भी संपत्ति का विवरण दिया गया है, वो पूरी तरह से वैद्य संपत्ति है. जिसका मूल्य के हिसाब से हमलोगों द्वारा सरकार को टैक्स भी दिया गया है.

Posted By: Samir Ranjan.

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