पुष्य नक्षत्र से शुरू होगा शुभ समय; प्रदोष काल में अमावस्या योग मिलने से सोमवार को मनाया जायेगा दीपोत्सव
पुष्य नक्षत्र से खुलेगी शुभ शुरुआत; 21 को स्नान-दान अमावस्या और 23 को भाइदूज
रांची. दीपों का त्योहार दीपावली 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जायेगा. इस दिन दोपहर 2:55 बजे के बाद से अमावस्या तिथि लग जायेगी. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने बताया कि वाराणसी पंचांग के अनुसार इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या तिथि मिलने के कारण दीपावली का पर्व मनाया जायेगा. वहीं, पूरी रात अमावस्या रहने से इसी दिन काली पूजा भी की जायेगी. अमावस्या तिथि 21 अक्टूबर की शाम 4:26 बजे तक रहेगी. सूर्योदय में अमावस्या योग रहने के कारण इसी दिन स्नान-दान और श्राद्ध अमावस्या का महत्व रहेगा. पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि वाराणसी पंचांग के अनुसार दीपावली 20 अक्टूबर को ही है. हालांकि इस दिन विशुद्ध रूप से अमावस्या नहीं मिल रही है, लेकिन प्रदोष काल में अमावस्या योग होने से दीपावली इसी दिन मनायी जायेगी. जो लोग किसी कारणवश इस दिन पूजा नहीं कर पायेंगे, वे दूसरे दिन शाम 4:26 बजे तक पूजा कर सकते हैं. पंडित वरुण कुमार रवि और जगन्नाथपुर मंदिर के पुजारी कौस्तुभधर नाथ मिश्रा ने भी कहा कि सोमवार को प्रदोष काल में दीपावली मनायी जायेगी, जबकि दूसरे दिन स्नान-दान और श्राद्ध से जुड़े कार्य होंगे. पंडित कपिलदेव मिश्र के अनुसार, मिथिला पंचांग के अनुसार भी दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनायी जायेगी. इस दिन शाम से पूरी रात अमावस्या रहने के कारण दीपावली और काली पूजा दोनों इसी दिन होंगी.
18 को धनतेरस, त्रयोदशी तिथि में खरीदारी शुभ
18 अक्तूबर को धनतेरस मनायी जायेगी. इस दिन दोपहर 1:20 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी, जो 19 अक्तूबर की दोपहर 1:55 बजे तक रहेगी. पंडितों के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी न मिलने के कारण धनतेरस शनिवार को मनायी जायेगी और इससे संबंधित खरीदारी शनिवार को ही की जायेगी. रविवार को मास शिवरात्रि, धनवंतरि जयंती और हनुमान जयंती भी रहेगी. इस दिन भी दोपहर 1:55 बजे तक खरीदारी शुभ मानी गयी है.
आज पुष्य नक्षत्र, शुभ खरीदारी का अवसर
15 अक्तूबर को पुष्य नक्षत्र रहेगा. यह नक्षत्र शाम 4:46 बजे तक रहेगा. दीपावली से पहले पड़ने वाला यह पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए धनतेरस के समान फलदायी माना गया है. पंडित कौशल मिश्र ने बताया कि इस दिन खाता-बही, नया वाहन, जमीन-जायदाद, सोना-चांदी के गहने, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है. पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में शुभ और बलवान होने के कारण इसे नक्षत्रराज कहा जाता है. इस दिन सभी शुभ कार्य किये जा सकते हैं, सिवाय वैवाहिक कार्यों के. दान-पुण्य का भी इस दिन विशेष महत्व है. पुष्य नक्षत्र मंगलवार शाम 5:25 बजे से लग रहा है, इसलिए इस समय भी इससे संबंधित खरीदारी की जा सकती है.
इस महीने का पर्व-त्योहार
15 अक्तूबर : पुष्य नक्षत्र (खरीदारी के लिए शुभ दिन)
18 अक्तूबर : धनतेरस20 अक्तूबर : दीपावली और काली पूजा
21 अक्तूबर : स्नान-दान की अमावस्या22 अक्तूबर : अन्नकूट
23 अक्तूबर : भाइदूज और चित्रगुप्त पूजा25 अक्तूबर : वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत और सूर्य षष्ठी व्रत का नहाय-खाय
26 अक्तूबर : खरना27 अक्तूबर : सूर्य षष्ठी व्रत
28 अक्तूबर : उगते सूर्य को अर्घडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
