IDFC बैंक के सहयोग से रांची में साइबरपीस लीग 8.0 आयोजित, ई-स्पोर्ट्स के जरिए विकसित भारत 2047 की ओर कदम

CyberPeace eSports League 8.0:एक सुरक्षित डिजिटल गेमिंग माहौल को बढ़ावा देने वाले फ्री फायर स्क्वैड टूर्नामेन्ट में 12 प्रतिस्पर्धी टीमों से 48 से अधिक गेमर्स ने हिस्सा लिया. यह पहल भारत के बढ़ते ईस्पोर्ट इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा, जिम्मेदार गेमिंग और युवाओं की भागीदारी के महत्व को उजागर करती है. साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स लीग गेमर्स की अगली पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाती है.

CyberPeace eSports League 8.0: भारत की साइबर सुरक्षा को मज़बूत और डिजिटल स्पोर्ट्स के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स लीग 8.0 ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के सहयोग से, रांची के लैवल7 मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेन्ट में एनर्जी से भरपूर फ्री फायर स्क्वैड टूर्नामेन्ट का सफल समापन किया. क्षेत्र से ई-गेमिंग में कुछ सबसे प्रतिभाशाली किशोर और युवा ई-गेमर्स इस मंच पर इकट्ठा हुए, जिसका उद्देश्य ई-गेमर्स के लिए गेमिंग के सुरक्षित एवं और समावेशी माहौल को बढ़ावा देना, तथा विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाना था.

भारत के गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में ज़बरदस्त विकास हो रहा है, इस बीच सीईएल 8.0 ने गेमिंग के प्रतिस्पर्धी माहौल में साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल ज़िम्मेदारी और ऑनलाइन सुरक्षा को शामिल करने के महत्व पर ज़ोर दिया. इस टूर्नामेंट ने युवाओं को गेमिंग के सुरक्षित तरीकों के बारे में बातचीत के लिए मंच प्रदान किया, साथ ही कौशल एवं टीम वर्क को प्रोत्साहित भी किया. इस पहल ने दर्शाया कि किस तरह भारत का तेज़ी से बढ़ता ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा और कम्युनिटी-आधारित जुड़ाव को प्रतिस्पर्धी गेमिंग में शामिल करके ज़िम्मेदारी से आगे बढ़ सकता है.

फ्री फायर स्क्वैड प्रतियोगिता में 48 बेहतरीन गेमर्स (12 स्क्वैड्स में) ने हिस्सा लिया. कौशल पर आधारित इस मुकाबले में सफलता हासिल करने के लिए स्ट्रैटेजी, आपसी तालमेल, टीमवर्क और सही दाँव-पेच की ज़रूरत थी. इस मुकाबले ने खिलाड़ियों की क्षमता को परखा, और एक बार फिर से साबित कर दिया कि “कौशल, रैंक से कहीं अधिक मायने रखता है. राँची के अलग-अलग हिस्सों से आई टीमों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीत हासिल करने के लिए जमकर मुकाबला किया. कुल मिलाकर इस टूर्नामेन्ट ने डिजिटल प्रतिभा और ई-स्पोर्ट्स की बढ़ती संभावनाओं पर रोशनी डाली.

ई-गेमिंग सेक्टर में साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों पर ज़ोर देते हुए, आईडीएफसी बैंक, रांची के चीफ़ मैनेजर, श्री कुमार सौरभ ने कहा, “आईडीएफसी का मानना है कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करना ज़रूरी है जो कौशल विकास और ज़िम्मेदार डिजिटल जुड़ाव, को बढ़ावा दे. हमारे लिए गर्व की बात है कि हमें साइबरपीस ई-स्पोर्ट लीग 8.0 के साथ जुड़ने का अवसर मिला है. यह साइबर और डिजिटल सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. सुरक्षित गेमिंग तरीकों को बढ़ावा देकर, हमऐसा इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रहे हैं जहाँ युवा गेमर्स, तेज़ी से डिजिटल होती दुनिया में, पूरे आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी के साथ आगे बढ़ सकें.”

इस पहल पर बात करते हुए, साइबरपीस के संस्थापक और ग्लोबल प्रेज़ीडेंट, मेजर विनीत कुमार ने कहा, “गेमिंग दुनिया भर के युवा किशोरों के लिए सबसे प्रभावशाली डिजिटल इकोसिस्टम में से एक बन गया है. हम विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ते हुए ऐसा डिजिटल माहौल बनाना ज़रूरी है जहाँ इनोवेशन, मुकाबला और सुरक्षा एक साथ मौजूद हों. साइबरपीस ईस्पोर्ट लीग 8.0 के ज़रिए, हम न केवल भारत की उभरती हुई गेमिंग प्रतिभा बल्कि साइबर सुरक्षा, डिजिटल नागरिकता और ज़िम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को भी बढ़ावा दे रहे हैं. हमारे युवाओं और ग्लोबल गेमिंग कम्युनिटी के लिए एक मज़बूत डिजिटल भविष्य बनाने के लिए एक सुरक्षित गेमिंग इकोसिस्टम ज़रूरी है. साइबरपीस ई-स्पोर्ट्स लीग के ज़रिए, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि युवा गेमर्स न केवल कौशल विकसित करें बल्कि ज़िम्मेदार डिजिटल नागरिक भी बने. हम ऐसा सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बनाना चाहते हैं जो मनोरंजन और साइबर सुरक्षा के बीच तालमेल बनाते हुए आगे बढ़े.

प्रतिभागियों ने कई प्रतिस्पर्धी राउंड्स और टाईब्रेकर्स में ज़ोरदार मुकाबला किया, इस मंच पर विभिन्न क्षेत्रों में उभरती ई-स्पोर्ट्स प्रतिभा देखने को मिली. टूर्नामेंट ने खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए गेमिंग सेटअप के साथ गेमिंग का शानदार अनुभव प्रदान किया. प्रतिभागियों को सीधे उनके गेमिंग स्टेशन पर कॉम्प्लीमेंटरी रिफ्रैशमेन्ट और बहुत कम कीमत पर भोजन के विकल्प उपलब्ध कराए गए.

टूर्नामेंट ने प्रतिभागियों और दर्शकों के बीच काफी उत्साह पैदा किया, और कई लोगों ने साइबर पीस ई-स्पोर्ट्स लीग को भारत के अन्य शहरों में फैलाने में दिलचस्पी दिखाई. यह प्रतियोगिता एक आसान भागीदारी मॉडल पर आधारित थी, जिसमें हर स्क्वैड के लिए मात्र रु599 की एंट्री फीस रखी गई थी. ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सके और उभरती प्रतिभा को एक प्रतिस्पर्धी मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिले.

प्रतियोगिता को लीड करते हुए, जै़डएफएक्स ईस्पोर्ट्स ने जीत का खिताब अपने नाम किया और टूर्नामेंट के चैंपियन बन गए. उन्हें रु3,999 का नकद पुरस्कार और सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस मिला. टीम अचीवर्स रनर-अप पर रही और उन्हें रु 2,499 के नकद पुरस्कार और सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया. युनाईटेड एटरनल्स थर्ड रनर-अप रही. उन्हें रु1,499 का नकद पुरस्कार और सर्टिफिकेट ऑफ़ एक्सीलेंस दिया गया.

प्रतिभागियों और दर्शकों से मिले ज़बरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए इस टूर्नामेंट को कई और शहरों में फैलाने की मांग की जा रही है. कई प्रतिभागी साइबर पीस ई स्पोर्ट्स की बड़ी कम्युनिटी के साथ जुड़ने में भी रूचि ले रहे हैं.

साइबरपीस और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के बीच का यह सहयोग इस बात का उदाहरण है कि कैसे संस्थागत सहयोग और युवाओं पर केंद्रित डिजिटल सुरक्षा की पहलें एक साथ मिलकर अनुकूल प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं. कार्यक्रम ने यह संदेश दिया है कि ज़िम्मेदार गेमिंग, साइबर सुरक्षा जागरूकता और डिजिटल कल्याण- ये सभी पहलु 2047 तक भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ज़रूरी हैं.

जैसे-जैसे भारत का ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बढ़ रहा है, साइबरपीस ईस्पोर्ट्स जैसी पहलें दिखाती हैं कि किस तरह प्रतिस्पर्धी गेमिंग सिर्फ़ मनोरंजन से आगे बढ़कर ऐसा मंच बन सकती है जो समुदाय किे नर्माण, साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल ज़िम्मेदारी और युवाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हैं.

गेमिंग इंडस्ट्री डिजिटल जुड़ाव के भविष्य को आकार दे रही है, साइबरपीस सुरक्षित गेमिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने, साइबर जागरूकता फैलाने और भारत व उसके बाहर के गेमर्स के लिए एक सुरक्षित और समावेशी साइबर स्पेस बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. साइबरपीस विशेष रूप से युवा गेमर्स के लिए डिज़ाइन किए गए डिजिटल सुरक्षा अभियानों के माध्यम से समुदाय के साथ जुड़ाव को और मज़बूत बनाने की दिशा में प्रयासरत है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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