खलारी में आंधी-बारिश से बर्बाद हुई फसलें, किसान बेहाल

बेमौसम बरसात ने रबी की तैयार फसलों और नकदी सब्जियों को अभिशाप की तरह अपनी चपेट में ले लिया है.

खलारी. खलारी प्रखंड में पश्चिमी विक्षोभ का दोहरा असर दिख रहा है, जहां पिछले तीन-चार दिनों से जारी बेमौसम बारिश और आंधी ने मौसम को तो सुहावना बना दिया है. वहीं किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे आयी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को भी आसमान में बादलों का डेरा रहा. दोपहर दो बजे के बाद शुरू हुई रिमझिम बारिश ने शाम साढ़े चार बजे विकराल रूप ले लिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

सब्जी की खेती और बागानों को नुकसान

बेमौसम बरसात ने रबी की तैयार फसलों और नकदी सब्जियों को अभिशाप की तरह अपनी चपेट में ले लिया है. खेतों में लहलहाती नेनुआ, कद्दू, खीरा, फूलगोभी, पत्ताकोभी, टमाटर और ककड़ी की फसलों के कोमल पौधे तेज हवा व बारिश की मार नहीं झेल सके. वहीं आम के बागानों में भी भारी क्षति की खबरें हैं, जहां पेड़ों में लगे नन्हे टिकोले आंधी के कारण जमीन पर बिछ गये हैं.

किसानों के माथे पर दिखी चिंता की लकीरें

खलारी के प्रगतिशील किसान कृष्णा कुमार महतो, किशुन मुंडा, मनोज कुमार सहित कई किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि चैत के बाद अब बैशाख की शुरुआत भी बरसात की तरह बारिश हो रही है. उन्होंने बताया कि रविवार की रात आयी भीषण आंधी ने सब्जी की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. लागत डूबने की आशंका से अब खेती से जुड़े परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

नेनुआ, कद्दू, खीरा, फूलगोभी, पत्ताकोभी, टमाटर और ककड़ी की फसलों को

नुकसान

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By DINESH PANDEY

DINESH PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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