12 घंटे के अंदर अपहृत कोयला व्यवसायी को किया मुक्त

न्यूमंगरदाहा से अपहृत कोयला व्यवसायी आशिक अली (40) को पुलिस के दबाव में अपराधियों ने महज 12 घंटे के अंदर मुक्त कर दिया.

By Prabhat Khabar News Desk | February 21, 2025 6:17 PM

प्रतिनिधि, पिपरवार

न्यूमंगरदाहा से अपहृत कोयला व्यवसायी आशिक अली (40) को पुलिस के दबाव में अपराधियों ने महज 12 घंटे के अंदर मुक्त कर दिया. शुक्रवार सुबह आठ बजे वह घायलावस्था में जोबिया स्थित दामोदर नदी किनारे बालू में पड़ा मिला. घर पहुंचते ही आशिक अली के परिजन उससे लिपट कर रोने लगे. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उसे बचरा क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया. आशिक अली का सिर फटा हुआ था. उसके साथ हुई मारपीट की वजह से वह चल भी नहीं पा रहा था.

अपहरण की कहानी भुक्तभोगी की जुबानी :

आशिक अली ने मीडिया कर्मियों को दिये बयान में बताया कि गुरुवार रात नौ बजे न्यूमंगरदाहा स्थित घर से उसका अपहरण किया गया था. उसे पिस्टल की नोक पर घसीटते हुए गांव के स्कूल के पीछे ले गये थे, जहां पहले से पांच-छह बाइक लगी हुई थी. विरोध करने पर उस पर पिस्टल तान दिया जाता था. विवश हो कर उसे बाइक पर बैठना पड़ा. बाद में अपहरणकर्ता उसे जोबिया ले गये. वहां से उसे आंखों पर पट्टी बांध कर कहीं और ले गये. उसके हाथ-पैर बांध कर जमीन पर बिठा दिया गया. रात भर अपराधी उसे मारते-पीटते रहे. सुबह में वह नदी किनारे कैसे पहुंचा उसे पता नहीं.

पुलिसिया दबाव आया काम :

आशिक अली के अपहरण की सूचना के तुरंत बाद टंडवा एसडीपीओ सिर्फ दो बॉडीगार्ड के साथ जंगल में घुस गये थे. इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गयी. सामूहिक रूप से बेंती और आसपास के गांवों को घेरकर सर्च अभियान चलाया गया. इस दौरान संदिग्ध लोगों के घरों पर छापेमारी कर दर्जर भर लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. इधर, मैक्लुस्कीगंज, केरेडारी और बुढ़मू पुलिस एक साथ संबंधित ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया. इससे अपराधी आशिक अली को छोड़ने पर विवश हो गये.

कोट

अपराधियों के चंगुल से आशिक अली की मुक्ति में पुलिस ने ह्यूमन और टेक्नीकल इनपुट का प्रयोग किया. वैसे आसपास के सभी थाना क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया था. मैक्लुस्कीगंज में पुलिस को टेक्नीकल इनपुट प्राप्त हुए थे. संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है. श्री बरमार ने कहा कि इस मामले से उग्रवादी संगठनों की संलिप्तता से पूरी तरह से इंकार नहीं किया जा सकता है. उनके पास अपराधियों के नाम आने वाले हैं, इसके बाद पुलिस उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.

प्रभात रंजन बरवार, एसडीपीओ, टंडवा.B

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