चुनाव जीतना है, तो गोड्डा से पिछड़ा समाज या मुस्लिम को बनाये प्रत्याशी
सरैयाहाट और जरमुंडी के कांग्रेस कार्यकर्ता क्षेत्र में प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
रांची/सरैयाहाट. गोड्डा लोकसभा सीट से कांग्रेस की घोषित प्रत्याशी दीपिका पांडेय सिंह का विरोध थम नहीं रहा है. दो दिन पहले उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही पहले पूर्व सांसद फुरकान अंसारी व उनके विधायक बेटे इरफान अंसारी ने विरोधी बयान दिये. अब सरैयाहाट और जरमुंडी के कांग्रेस कार्यकर्ता क्षेत्र में प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. गोड्डा से प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर शनिवार को कोठिया टोल प्लाजा के निकट सरैयाहाट और जरमुंडी प्रखंड के सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता जुटे और बैठक की. इनलोगों ने अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा है.
गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में 90 फीसदी पिछड़ों की आबादी
शनिवार को हुई बैठक में मुख्य रूप से यह मांग रखी गयी कि गोड्डा लोकसभा में पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार दीपिका पांडेय सिंह को बदल कर किसी अल्पसंख्यक या फिर पिछड़ा समाज के नेता को उम्मीदवार बनाया जाये, क्योंकि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ों की आबादी 90 फीसदी है. इसमें अल्पसंख्यक मुस्लिम की लगभग 18 और यादव की जनसंख्या करीब 14 प्रतिशत है.
प्रत्याशी बदलें, नहीं तो सामूहिक इस्तीफा
बैठक में कहा गया कि हमारे नेता राहुल गांधी का नारा है कि जिसकी जितनी साझेदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी, जबकि झारखंड में इसके उलट हो रहा है. इसे सहन नहीं किया जायेगा. झारखंड में 14 सीट में से न तो किसी अल्पसंख्यक को कोई टिकट दिया गया और न ही किसी यादव समाज को टिकट मिला. जबकि इस समाज का साथ कांग्रेस एवं सहयोगी दल को मिलता रहा है. कहा कि गोड्डा लोकसभा में टिकट देने में आलाकमान से गलती हुई है. सभी ने आग्रह किया है कि इस पर पुनर्विचार करते हुए प्रत्याशी को बदला जाये. बैठक में सभी ने यह अल्टीमेटम दिया कि यदि घोषित उम्मीदवार को बदल कर पिछड़ा समाज या अल्पसंख्यक समाज से नया प्रत्याशी नहीं दिया गया, तो वे सभी पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे. मौके पर सरैयाहाट प्रखंड अध्यक्ष अशोक यादव, रामदिवस जायसवाल, मतीन अंसारी, सुबोध यादव, दीपक कुमार, नरेश यादव, जरमुंडी से चंद्रशेखर यादव, सुबोध मिश्रा, प्रमुख मरीक, प्रेम शर्मा, सुबोध यादव, कमरूल हक, राधा हेंब्रम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.