झारखंड के अस्पतालों में डिजिटल क्रांति: अब न कतार, न इंतजार, सीधे आपके मोबाइल पर पहुंचेगी लैब रिपोर्ट

Jharkhand Hospital News: झारखंड के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को अपनी लैब रिपोर्ट के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना होगा. स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल करते हुए जांच रिपोर्ट को सीधे मरीजों के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत इन रिपोर्ट्स को आभा (ABHA) कार्ड के माध्यम से डिजिटल लॉकर में सुरक्षित भी रखा जा सकेगा.

रांची, (विपिन की रिपोर्ट): झारखंड के सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. अब जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने होंगे. स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल नंबर पर डिजिटल रूप में भेजने की तैयारी पूरी कर ली है.

रजिस्ट्रेशन नंबर का होगा इस्तेमाल

अस्पताल में पर्ची कटाते (रजिस्ट्रेशन) वक्त मरीजों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर का उपयोग कर उनकी जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से भेजी जाएगी. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘आभा’ (ABHA) कार्ड के माध्यम से इन रिपोर्ट्स को डिजिटल लॉकर में सुरक्षित भी रखा जा सकेगा. यह व्यवस्था राज्य के सभी स्तरों पर, मेडिकल कॉलेज से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक लागू की जाएगी.

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सदर अस्पताल रांची में पायलट प्रोजेक्ट रहा सफल

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेरील कंपनी द्वारा ‘लैब इंफॉर्मेशन सिस्टम’ का प्रेजेंटेशन दिया गया. इस सिस्टम को सी-डैक द्वारा संचालित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) और ई-सुश्रुत प्रणाली के साथ लिंक किया जाएगा. गौरतलब है कि इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रांची के सदर अस्पताल में पहले ही शुरू किया जा चुका है, जो सफल रहा है.

समय की बचत और बेहतर मॉनिटरिंग

इस नई प्रणाली से मरीजों को कई सुविधाएं मिलेंगी. सबसे बड़ा फायदा लोगों के समय की बचत होगी. रिपोर्ट मोबाइल पर मिलने से लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी और डॉक्टर समय पर इलाज शुरू कर सकेंगे. वहीं, रियल टाइम डेटा की भी जानकारी मिल सकेगी. विभाग यह जान सकेगा कि कितने मरीजों की किस प्रकार जांच हुई है. इसके अलावा वेस्टेज पर नियंत्रण हो सकेगा. क्योंकि इससे लैब में उपलब्ध रिएजेंट्स की अद्यतन स्थिति देखी जा सकेगी और खरीद प्रक्रिया सरल होगी.

निशुल्क मिलेगा सॉफ्टवेयर

मेरील कंपनी द्वारा यह सॉफ्टवेयर विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. कंपनी द्वारा पहले से ही सीएचसी और पीएचसी स्तर पर ऑटो एनालाइजर मशीनों की आपूर्ति की जा चुकी है, जिन्हें इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा. भविष्य में अन्य कंपनियों की मशीनों को भी इसी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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