रांची. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा चुनाव के दौरान यह कहा था कि आप हम पर विश्वास करिये, हम आपको अलग राज्य देंगे. उन्होंने कहा और कर दिखाया. अटल जी की सरकार बनते ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला. अटल जी ऐसी शख्सियत थे कि उनके साथ काम करने वाले, उनकी पार्टी के लोग और विपक्षी दल के लोग भी सदा उनका आदर करते रहे हैं. अटल जी की सरकार में पहली बार आदिवासी मंत्रालय बनाया गया था. श्री सोरेन ने उक्त बातें शनिवार को भाजपा महानगर कार्यालय में अटल विरासत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही. कहा कि आज आदिवासी के बारे में अगर कोई चिंता करता है तो वह भाजपा और नरेंद्र मोदी हैं. एकलव्य मॉडल विद्यालय देकर आदिवासी बच्चों को नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश के आदिवासियों को इस स्थिति में खड़ा करने के लिए कोई जिम्मेवार है, तो वह कांग्रेस पार्टी है. कांग्रेस नहीं चाहती कि देश में आदिवासी आगे बढ़े. कहा कि अटल जी नहीं होते, तो कांग्रेस झारखंड अलग नहीं होने देती. झारखंड अस्तित्व में नहीं आता. सम्मेलन में श्री सोरेन व संगठन महामंत्री कर्मवीर ने जनसंघ काल से कार्य करने वालों दर्जनों कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर अटल जी की विरासत एवं स्मृतियों को सहेजने का संदेश दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, संचालन जितेंद्र वर्मा व धन्यवाद ज्ञापन बलराम सिंह ने किया. मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्यमणि सिंह, सीमा पासवान, निर्भय सिंह, समर सिंह, कमाल खान, प्रेम मित्तल, उमा शंकर केडिया, रागिनी सिन्हा, राजकुमार गुप्ता, कृष्णा शर्मा, अरविंद सिंह, राजू सिंह, बसंत दास, संजीव चौधरी, विनय सिंह, अनिता वर्मा, बलसाय महतो समेत कई लोग मौजूद थे.
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