कुरमाली गीत-नृत्य प्रशिक्षण के समापन पर किता में सांस्कृतिक कार्यक्रम

10 दिवसीय कुरमाली गीत एवं नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ.

सिल्ली. प्रखंड के किता गांव में सांस्कृतिक कार्य निदेशालय पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के तत्वावधान में चल रहे 10 दिवसीय कुरमाली गीत एवं नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ. अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. समारोह में कलाकारों ने लोककला, नर्तकी नृत्य, पांता नाच, गीत और छौऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा दी गयी प्रस्तुतियों ने सिल्ली सहित पंचपरगना व झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया. समापन समारोह में वीणा चौधरी ने कहा इस तरह की कार्यशालाएं न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा देती हैं. कुरमाली गीत और नृत्य पंचपरगना क्षेत्र एवं झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. प्रखंड प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर महतो ने किया. कार्यक्रम के आयोजन में महेश्वर महतो, सुभाषचन्द्र महतो, वीणा देवी, अंजना देवी, प्रेमचंद लोहरा, रमेश हजाम, अभिराम महतो, धनेश्वर मुंडा, पूरन महतो, वरुण महतो, सोमनाथ साहु, मधुसूदन महतो, ठाकुरदास महतो, विश्वनाथ महतो, योगेन्द्र महतो समेत ग्रामीणों का योगदान रहा.

कलाकारों ने लोककला, नर्तकी नृत्य, पांता नाच, गीत और छउ नृत्य का प्रदर्शन किया

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By VISHNU GIRI

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