नौ बार लोकसभा सांसद व मजदूरों के प्रिय नेता रहे कॉमरेड बासुदेव आचार्य का निधन, झारखंड सीपीआईएम ने जताया शोक

कॉमरेड बासुदेव आचार्य 9 बार लोकसभा के सांसद रहे थे. संसद में पार्टी ग्रुप के नेता के तौर पर उनकी संसदीय दक्षता के सभी कायल थे. उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और किसानों के हितों के लिए अथक परिश्रम कर उनका सशक्तीकरण किया था.

रांची: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के झारखंड राज्य सचिवमंडल ने पार्टी के पूर्व केंद्रीय कमिटी सदस्य, ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष व सीटू के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड बासुदेव आचार्य के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है. वे पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे. हैदराबाद में इलाज के दौरान आज सोमवार की दोपहर 12.30 बजे उनका निधन हो गया. झारखंड सीपीआईएम के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने उनके निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.

नौ बार रहे थे सांसद

कॉमरेड बासुदेव आचार्य 9 बार लोकसभा के सांसद रहे थे. संसद में पार्टी ग्रुप के नेता के तौर पर उनकी संसदीय दक्षता के सभी कायल थे. रेलवे और कृषि मंत्रालय की संसदीय स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और किसानों के हितों के लिए अथक परिश्रम कर उनका सशक्तीकरण करने का काम किया था.

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रेलवे कर्मचारियों के बीच थे काफी लोकप्रिय

रेलवे कर्मचारियों के बीच बासु दा काफी लोकप्रिय थे. वे एक अत्यंत सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के नेता थे. अखिल भारतीय कोल वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष के रूप में वे कोयला कामगारों के हितों की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते थे. उनके निधन से देश के मजदूर आंदोलन को क्षति हुई है. माकपा के राज्य सचिवमंडल ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. ये जानकारी सीपीआईएम के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने दी.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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