Jharkhand Politics: चित्रसेन सिंकू ने की टीएमसी की आपात बैठक, झारखंड की सरकारों को निशाने पर लिया

झारखंड को बने 22 वर्ष बीत गये. किसी भी दल की सरकार ने झारखंड में क्लियर विजन के तहत विकास का मॉडल नहीं दिया. यही कारण है कि राज्य में राजनीतिक रिक्तता की स्थिति है. राज्य की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है.

Jharkhand Politics: झारखंड में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर बैठा के लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लेने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाये रखने के लिए चित्रसेन सिंकू ने आपात बैठक की. बैठक में उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने के मंत्र दिये. पूर्व सांसद और टीएमसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट चित्रसेन सिंकू ने झारखंड की राजनीतिक पार्टियों को निशाने पर लिया. कहा कि अब तक किसी पार्टी ने झारखंड के बेहतर भविष्य के लिए कुछ नहीं किया.

किसी पार्टी ने झारखंड को विकास का मॉडल नहीं दिया

झारखंड को बने 22 वर्ष बीत गये. किसी भी दल की सरकार ने झारखंड में क्लियर विजन के तहत विकास का मॉडल नहीं दिया. यही कारण है कि राज्य में राजनीतिक रिक्तता की स्थिति है. राज्य की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है. कोई भी पार्टी जनमानस का विश्वास नहीं जीत पायी. यही कारण है राज्य की जनता बेहतर विकल्प की तलाश में है. तृणमूल कांग्रेस राज्य में बेहतर विकल्प बन सकती है.

चित्रसेन सिंकू ने टीएमसी की आपात बैठक की

चित्रसेन सिंकू टीएमसी प्रदेश कार्यालय रांची में आयोजित आपात बैठक में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. चित्रसेन सिंकू पूर्व सांसद हैं. टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो जाने के बाद आपात बैठक का आयोजन किया गया था, ताकि टीएमसी के पदाधिकारियों के मनोबल को कायम रखा जा सके.

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टीएमसी को नया अध्यक्ष मिलने तक पार्टी का कामकाज देखेंगे सिंकू

झारखंड प्रदेश तृणमूल ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी जामुदा ने कहा कि कामेश्वर बैठा के राजद में शामिल होने के बाद अब टीएमसी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट चित्रसेन सिंकू का स्वाभाविक रूप से संगठन को संवारने का दायित्व बनता है. जब तक प्रदेश टीएमसी को नया अध्यक्ष नहीं मिल जाता, तब तक वह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.

सभी पांच प्रमंडल से आये थे पदाधिकारी

आपात बैठक में राज्य के पांचों प्रमंडल से पार्टी पदाधिकारी, प्रकोष्ठ विभाग संगठन के अध्यक्ष चेयरमैन आये थे. आपात बैठक में टीएमसी के प्रदेश उपाध्यक्ष फिल्मोहन टोप्पो, उपाध्यक्ष मनदीप मल्लाह, टीएमसी यूथ के अध्यक्ष सन्नी सिंकू, जोबा रानी पाल, कार्यालय सचिव दयानंद सिंह, अमृत मांझी, जावेद इकबाल उर्फ बंटी, मोहम्मद अशरफुल, कोलंबस हंसदा, मंगल सोरेन, सुरेश महतो, मंगल हांसदा, नारायण पूर्ति, विकेश सिंह, जमालुद्दीन, फाल्गुनी भट्टाचार्य, रुद्रस्वामी, मंगल सरदार, शैली शैलेंद्र सिंकू, मन्नू, बालकृष्ण डोराईबुरू, परगना, राजेश पांडेय, शाहना परवीन, निकत परवीन, मो नजीर हुसैन, तौफीक आलम, जयप्रकाश साहू, मधु, हीरा दास, किशोर कुमार भगत, फखरुद्दीन, उदय भान सिंह, गौतम राज, विक्रमादित्य सिंह, मो अनिकुल इस्लाम, अरविंद गुप्ता व अन्य उपस्थित थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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