Ranchi News : चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज आज, द्वितीया तिथि तक रहेगा पुण्यकाल

चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज का त्योहार गुरुवार को मनाया जायेगा. इस दिन रात 8.22 बजे तक द्वितीया तिथि है.

घर-घर और मंदिरों में भगवान चित्रगुप्त की आराधना, शाम को महाआरती और सामूहिक भोज

बिहार क्लब और अशोक नगर में विशेष आयोजन

रांची. चित्रगुप्त पूजा और भाई दूज का त्योहार गुरुवार को मनाया जायेगा. इस दिन रात 8.22 बजे तक द्वितीया तिथि है. भक्तों को पूजा-अर्चना के लिए बहुत समय मिल रहा है. रांची में कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके अलावा घरों और मंदिरों में भी पूजा की जायेगी. मालूम हो कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर ही चित्रगुप्त जी का जन्म हुआ था. इसलिए हर साल इस तिथि पर भगवान चित्रगुप्त की उत्पत्ति के रूप में चित्रगुप्त पूजा की जाती है. मान्यता के अनुसार भगवान चित्रगुप्त का जन्म ब्रह्मा जी के चित्त से हुआ था. वे यमराज जी के सहायक होने के साथ-साथ भगवान चित्रगुप्त देवताओं के लेखपाल भी हैं. इसके अलावा भी चित्रगुप्त पूजा किये जाने के कई कारण हैं. यम देव ने अपनी बहन यमुना को यह वचन दिया था कि जो भी भाई, यम द्वितीया या भाई दूज पर अपनी बहन के यहां जाकर, बहन के हाथों माथे पर तिलक लगवायेगा और उसके यहां भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं सतायेगा. इस दिन कलम दावात, बही-खाता आदि की पूजा की जाती है. कलम दावात की सहायता से वे समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं.

बिहार क्लब :

राज्य चित्रगुप्त महापरिवार की ओर से बिहार क्लब में चित्रगुप्त पूजा का आयोजन गुरुवार की सुबह 11 बजे से होगी. वहीं, दोपहर एक बजे से प्रसाद वितरित किया जायेगा और शाम सात बजे से महाआरती का आयोजन किया गया है. इसके बाद रात 8.30 बजे से सामूहिक भोज का आयोजन किया जायेगा. सभी भक्तों को सादर आमंत्रित किया गया है. इस संबंध में केंद्रीय पूजा समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद की अध्यक्षता में हुई. इसमें डाॅ अजीत सहाय, डॉ राजेश कुमार लाल, डॉ वंदना राय, दीपक लाल, निर्मल रंजन, संजय सिन्हा गोपू, आयुष सिन्हा, अमरनाथ साहू सहित अन्य उपस्थित थे.

अशोक नगर में पूजा-अर्चना

श्री चित्रगुप्त पूजा समिति अशोक नगर की ओर से दुर्गा मंडप परिसर में पूजा का आयोजन किया गया है. दोपहर 12.30 बजे से प्रसाद वितरण किया जायेगा. वहीं, शाम साढ़े सात बजे से भाई भोज व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. वहीं, 24 को दिन के 11.15 बजे से पूजा-अर्चना, पुष्पांजलि होगी. शाम चार बजे सामूहिक विसर्जन शोभायात्रा निकाली जायेगी. यह जानकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार ने दी. उन्होंने कहा कि पूजा संपन्न कराने के लिए कमेटी का गठन किया गया.

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार है भाई दूज

भाई दूज भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार है. इस दिन भाई अपने बहन के घर जाते हैं और वहीं, पूजा-अर्चना में शामिल होकर माथे पर तिलक लगाते हैं और उनके यहां भोजन करते हैं. ऐसा करने से भाई की आयु लंबी रहती है. उन्हें अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है. इस दिन भाई-बहन के साथ यमुना नदी में स्नान करने का भी विशेष महत्व है. पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर अपनी खुशी का इजहार करता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गये थे, जहां यमुनाजी ने उनका तिलक कर आदर-सत्कार किया था. उसी समय से यह परंपरा चली आ रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Raj Kumar

Raj Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >